जमशेदपुर में चापड़बाजी में घायल युवक की मौत के बाद भड़का गुस्सा, डीसी ऑफिस में शव रखकर उग्र प्रदर्शन: इलाज में लापरवाही का आरोप, 50 लाख मुआवजे की मांग
जमशेदपुर: साकची स्थित छाया नगर बस्ती के युवक सन्नी पुष्टि की मौत के बाद गुरुवार को जमशेदपुर में हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। आक्रोशित बस्तीवासियों ने उपायुक्त कार्यालय (डीसी ऑफिस) के पोर्टिको और बरामदे में शव रखकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।
मृतक के परिजनों, खासकर महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं बड़ी संख्या में जुटे लोगों ने प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने डीसी ऑफिस के मुख्य प्रवेश मार्ग को शव रखकर जाम कर दिया, जिससे कार्यालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया।
इलाज में लापरवाही का आरोप
बस्तीवासियों ने टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के अभाव में सन्नी पुष्टि का समुचित इलाज नहीं किया गया। उनका दावा है कि अस्पताल ने इलाज के लिए करीब साढ़े चार लाख रुपये की मांग की थी, जबकि परिजन केवल ₹50,000 ही जमा कर सके थे।
परिजनों का आरोप है कि कई स्तरों पर गुहार लगाने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने कोई राहत नहीं दी, जिसके कारण समय पर इलाज नहीं हो सका और अंततः युवक की मौत हो गई।
पुलिस बेबस, भीड़ पर काबू पाना मुश्किल
स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब आक्रोशित लोग शव लेकर डीसी ऑफिस परिसर में घुस गए। मौके पर मौजूद सीमित पुलिस बल भीड़ को रोकने में नाकाम रहा। चार-पांच पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में सैकड़ों की भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल साबित हुआ।
डीसी कार्यालय के भीतर तक पहुंचे इस विरोध प्रदर्शन ने प्रशासन को असहज स्थिति में डाल दिया। उस समय उपायुक्त के कार्यालय में मौजूद नहीं होने के कारण अन्य अधिकारी भी तत्काल कोई ठोस कदम नहीं उठा सके।
50 लाख मुआवजे की मांग
प्रदर्शनकारी मृतक के परिजनों के लिए ₹50 लाख के मुआवजे और दोषी अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल जारी है हंगामा
समाचार लिखे जाने तक डीसी ऑफिस परिसर में हंगामा जारी है। प्रशासन स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा है, वहीं पूरे घटनाक्रम ने शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
