होर्मुज पर टकराव तेज: इस्राइल-लेबनान हमलों के बीच युद्धविराम फिर खतरे में
Ceasefire : मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है, जहां ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद किए जाने से हालिया युद्धविराम पर संकट गहरा गया है। यह कदम इस्राइल द्वारा लेबनान में बढ़ाए गए सैन्य हमलों के जवाब में उठाया गया है।
अमेरिका ने इस कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए जलडमरूमध्य को तुरंत खोलने की मांग की है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, ईरान और अमेरिका दोनों ही युद्धविराम समझौते को अपनी-अपनी कूटनीतिक जीत बता रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
इस्राइल ने लेबनान में हिजबुल्ला के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। बेरूत सहित कई रिहायशी और कारोबारी इलाकों को निशाना बनाया गया, जिनमें बड़ी संख्या में नागरिक हताहत हुए हैं।
ईरान के वरिष्ठ नेताओं ने प्रस्तावित वार्ता पर सवाल उठाते हुए अमेरिका पर युद्धविराम की शर्तें तोड़ने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लेबनान में संघर्ष को खत्म करना समझौते का अहम हिस्सा था, जिसे नजरअंदाज किया जा रहा है।
व्हाइट हाउस ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करना “अस्वीकार्य” करार दिया है और चेतावनी दी है कि इससे वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, ईरान ने संकेत दिया है कि वह इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगा सकता है, जिस पर अमेरिका ने सख्त आपत्ति जताई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते सैन्य हमले, कूटनीतिक मतभेद और आपसी अविश्वास के चलते युद्धविराम का टिके रहना बेहद अनिश्चित हो गया है।
