जमशेदपुर। बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के सीएच एरिया निवासी चर्चित युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए छह अपहर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शुक्रवार को एसएसपी पीयूष पांडेय ने पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि इस कार्रवाई के दौरान दो देसी कट्टा, 315 बोर की चार जिंदा गोलियां, घटना में प्रयुक्त नंबर बदली हुई स्कॉर्पियो और कई मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
गिरफ्तार अपराधियों में नालंदा का गुड्डू सिंह, गया का उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ आर्यन, नालंदा सिलहरी का मो. इमरान आलम उर्फ आमिर, रमीज राजा तथा पटना अगमकुआं का मोहन कुमार प्रसाद शामिल हैं। 13 जनवरी को 24 वर्षीय कैरव गांधी का अपराधियों ने अपहरण किया था। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक कुमार शिवाशीष के नेतृत्व में विशेष जांच टीम का गठन कर लगातार छापेमारी की गई। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और अंतरराज्यीय समन्वय के जरिए अपराधियों का पीछा किया।
पुलिस दबाव बढ़ने पर अपहरणकर्ता युवक को चौपारण और बरही के बीच जीटी रोड पर छोड़कर फरार हो गए, जहां से पुलिस ने उसे सकुशल बरामद कर परिजनों तक पहुंचाया। बाद में बिहार पुलिस के सहयोग से गया, पटना और नालंदा जिले में छापेमारी कर सभी अपराधियों को पकड़ा गया।
पूछताछ में गुड्डू सिंह, मो. इमरान और रमीज राजा की निशानदेही पर सर्किट हाउस स्थित साईं मंदिर रोड के पास झाड़ियों से हथियार बरामद किए गए। वापसी के दौरान इन तीनों ने एक आरक्षी का सरकारी हथियार छीनकर फायरिंग की कोशिश की, जिस पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तीनों के पैर में गोली लगी। उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया और छीना गया हथियार भी वापस ले लिया गया।
आॅपरेशन में डीएसपी मनोज कुमार ठाकुर, डीएसपी भोला प्रसाद सिंह, डीएसपी सन्नी वर्द्धन और थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि तकनीकी जांच और तेज अंतरराज्यीय कार्रवाई से संगठित अपराधियों की पूरी साजिश नाकाम कर दी गई।
