एनआईटी जमशेदपुर में IEEE ICE2CPT 2025 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ
वर्तमान दौर में विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और सतत ऊर्जा जैसी तकनीकों पर केंद्रित शोध की वक्ताओं ने की वकालत
जमशेदपुर : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जमशेदपुर के विद्युत अभियांत्रिकी विभाग द्वारा आयोजित IEEE प्रथम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ऑन इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कंप्यूटर साइंस विथ एडवांस्ड पावर टेक्नोलॉजीज – ए फ्यूचर ट्रेंड का भव्य शुभारंभ बुधवार को संस्थान के सभागार में सपंन्न हुआ। यह तीन दिवसीय सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य वैश्विक स्तर पर नवाचार, अनुसंधान और सहयोग को बढ़ावा देना है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में अरुण मिश्रा, सीईओ, अधुनिक पावर; प्रो. संजीव कुमार पद्मनाभन, यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ-ईस्टर्न नॉर्वे; डॉ. पुनीत कुमार मिश्रा, २०२५ वीपी (एजुकेशन), आईईईई एईएसएस; तथा प्रो. एन. पी. पाध्य, निदेशक, एमएनआईटी जयपुर ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की।
डॉ. सत्य गुप्ता, अध्यक्ष, वीएलएसआई सोसाइटी ऑफ इंडिया, ने मानद अध्यक्ष के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई, वहीं प्रो. आर. वी. शर्मा, उपनिदेशक, एनआईटी जमशेदपुर, संरक्षक के रूप में उपस्थित रहे।
आईईईई आईसीई२सीपीटी २०२५ सम्मेलन का नेतृत्व डॉ. वीरप्रताप मीना, सामान्य अध्यक्ष एवं अध्यक्ष, आईईईई सिस्टम्स काउंसिल सिस्टम्स एजुकेशन टीसी, यूएसए द्वारा किया जा रहा है। उनके कुशल नेतृत्व में यह आयोजन वैश्विक स्तर पर तकनीकी सहयोग और नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।
आयोजन अध्यक्षों के रूप में प्रो. प्रभा चंद और डॉ. कुमारी नम्रता (एनआईटी जमशेदपुर) अपनी शैक्षणिक उत्कृष्टता और संगठनात्मक क्षमता से सम्मेलन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
वहीं, आयोजन सचिवों की टीम में डॉ. सूर्यप्रकाश, डॉ. स्वगतदेब साहू, डॉ. जितेन्द्र कुमार, और डॉ. दिनेश कुमार (सभी एनआईटी जमशेदपुर से) शामिल हैं। ये सभी सम्मेलन के समन्वय, प्रबंधन और तकनीकी संचालन में अपना उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं।
इन सभी शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के समर्पित प्रयासों से यह सम्मेलन शोध, नवाचार और औद्योगिक संवाद का एक उत्कृष्ट मंच बनकर उभरा है, जो विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स और कंप्यूटर विज्ञान के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगा।
सभी गणमान्य अतिथियों ने अपने संबोधन में इस बात पर बल दिया कि आज के दौर में विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, और सतत ऊर्जा जैसी अंतःविषय तकनीकों पर केंद्रित शोध अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच न केवल अनुसंधान को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि अकादमिक और औद्योगिक जगत के बीच एक सशक्त पुल का निर्माण करते हैं।
यह सम्मेलन निस्संदेह वैश्विक संवाद, ज्ञान साझाकरण और नवाचार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा जो आने वाली पीढ़ियों को स्मार्ट और हरित तकनीकों के भविष्य की ओर प्रेरित करेगा।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन समारोह से हुई, जो ज्ञान और प्रगति के प्रकाश का प्रतीक रहा। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो. सुकुमार मिश्रा, निदेशक, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, एवं मुख्य संरक्षक के रूप में प्रो. गौतम सूत्रधर, निदेशक, एनआईटी जमशेदपुर, उपस्थित रहे।
