रांची : झारखंड में मकान निर्माण के लिए नक्शा पास करने के लिए आवेदन में 30 दिनों के भीतर स्वीकृत करना होगा। यदि सक्षम पदाधिकारी इस अवधि में नक्शा पारित नहीं करते हैं तो स्वत: स्वीकृत माना जाएगा।
सभी शहरी स्थानीय निकाय, धनबाद स्थित खनिज क्षेत्र के विकास प्राधिकार एवं आरआरडीए को झारखंड बिल्डिंग बॉयलाज 2016 के खंड 10 के उपखंड 10.6 के संशोधित प्रावधानों का पालन करना बाध्यकारी होगा। मामले को लेकर नगरीय प्रशासन निदेशालय ने बीते 15 सितंबर को स्पष्ट आदेश जारी कर दिया है। निदेशालय ने जानकारी दी है कि इस आदेश पर नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।
कोर्ट के इस आदेश से बढ़ेगी पारदर्शिता
कोर्ट के इस आदेश से पारदर्शिता बढ़ेगी। लोगों को अनावश्यक कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इसके अलावा संबंधित कार्यालयों में पदस्थापित अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही बढ़ेगी। उन्हें हर हाल में तय समय के भीतर ही काम करना होगा। बेवजह विलंब से भी लोगों को मुक्ति मिलेगी।
हाईकोर्ट ने लिया था स्वत: संज्ञान
18 अगस्त 2025 को झारखंड हाई कोर्ट ने आरआरडीए और रांची नगर निगम में नक्शा पारित करने में अनावश्यक विलंब मतलब नक्शा स्वीकृति में देरी तथा वसूली के मामले में स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज याचिका पर सुनवाई कर आदेश पारित किया था। कोर्ट ने यह भी कहा कि बिल्डिंग बॉयलाज प्रावधान है, ऐसे में अब तक कितने भवनों का नक्शा स्वीकृत किया गया।
निदेशालय ने हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में रांची नगर निगम के प्रशासक को शपथ पत्र भी दायर करने को कहा है। शपथ पत्र इस बात को उल्लेख करना होगा कि अब तक कितने नक्शा पारित हुए, यदि कोई नक्शा लंबित है तो किस कारण से। संशोधित प्रावधानों को रांची नगर निगम निगम अपने आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रदर्शित करे।
