रांची : झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तय समय पर दस्तक दे दी है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार, 12 जून को राज्य में मानसून के प्रवेश की आधिकारिक घोषणा की।
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से देश के पूर्वी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां लगातार सक्रिय थीं, जिसके परिणामस्वरूप झारखंड में भी मानसून का आगमन समय पर हो गया। कोल्हान के पूर्वी सिंहभूम जिले में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय थीं।
उन्होंने कहा कि मौसम विभाग द्वारा झारखंड में मानसून के प्रवेश की संभावित तिथि 12 जून निर्धारित की गई थी और इस बार मानसून ने तय समय के अनुसार ही राज्य में प्रवेश किया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून पूरे झारखंड में फैल जाएगा और सभी जिलों को अपने प्रभाव क्षेत्र में ले लेगा।
रांची मौसम केंद्र ने किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। विभाग के अनुसार जून महीने में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रह सकती हैं। ऐसे में निचले इलाकों के खेतों में धान की रोपाई शुरू की जा सकती है, जबकि मध्य एवं ऊंचाई वाले क्षेत्रों के किसानों को फिलहाल धान रोपने के बजाय वैकल्पिक फसलों की बुवाई करने की सलाह दी गई है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले वर्ष झारखंड में सामान्य मानसूनी वर्षा दर्ज की गई थी, लेकिन इस वर्ष अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
विभाग के आकलन के अनुसार पूरे मानसून सीजन में वर्षा का स्तर सामान्य से कुछ कम रह सकता है। हालांकि समय-समय पर होने वाली बारिश से कृषि गतिविधियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने किसानों और आम लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखने तथा कृषि कार्यों की योजना मौसम पूर्वानुमान के अनुसार तैयार करने की सलाह दी है।
