पलामू : प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के साथ हुई मुठभेड़ में पलामू पुलिस के दो जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल है। घायल जवान का इलाज मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (एमएमसीएच), डालटनगंज में चल रहा है।
शहीद जवानों में पलामू एएसपी अभियान का एक बॉडीगार्ड भी शामिल है। शहीदों की पहचान संतन कुमार मेहता (निवासी- सोवा बरेवा, हैदरनगर थाना क्षेत्र) और सुनील राम (निवासी- परता गांव, हैदरनगर थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है। वहीं घायल जवान रोहित कुमार (निवासी- लालगढ़, रेहला थाना क्षेत्र) बताए जा रहे हैं।
इनामी नक्सली कमांडर के खिलाफ अभियान
पलामू पुलिस ने टीएसपीसी के 10 लाख इनामी टॉप कमांडर शशिकांत गंझू के खिलाफ सर्च अभियान चलाया था। इसी दौरान मनातू थाना क्षेत्र के केदल गांव में नक्सलियों और पुलिस के बीच आमना-सामना हो गया। बताया जा रहा है कि मुठभेड़ गंझू के घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर हुई।
जैसे ही पुलिस बल इलाके में पहुंचा, घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। मुठभेड़ में तीन पुलिसकर्मी गोली लगने से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित कर दिया।
अधिकारी मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही पलामू एसपी रीष्मा रमेशन, शीर्ष अधिकारी और डीआईजी नौशाद आलम भी मौके पर पहुंचे। एसपी ने बताया कि सर्च अभियान के दौरान हुई इस मुठभेड़ में दो जवानों ने शहादत दी है और एक गंभीर रूप से घायल है।
नक्सली संगठन का गढ़
टीएसपीसी का टॉप कमांडर शशिकांत गंझू झारखंड पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल है। उस पर झारखंड सरकार ने 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। मनातू और आसपास का इलाका गंझू का गढ़ माना जाता है। यहीं से वह पलामू और चतरा के विभिन्न इलाकों में नक्सली गतिविधियों को अंजाम देता है।

