प्रयास किए जाएं तो झारखंड देश की आर्थिक रीढ़ बन सकता है : राज्यपाल
जमशेदपुर: झारखंड में प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता है। श्रमशक्ति और युवा से समृद्ध भी हैं। बस उद्योग, कौशल और नीति का समन्वय बेहतर हो तो झारखंड देश की आर्थिक रीढ़ बन सकता है। ये बातें राज्यपाल संतोष गंगवार ने सिंहभूम चैंबर आफ कमर्स एंड इंडस्ट्रीज जमशेदपुर के 75 वें वर्ष पूरा होने पर मनाए जा रहे प्लेटिनम जुबली समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। राष्ट्रगान के बाद दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मंच संचालन मानद महासचिव मानव केडिया ने की। मंच पर अधिवक्ता व उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल कोषाध्यक्ष अनिल अग्रवाल उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष अनिल मोदी ने किया वहीं पुनीत कांवटिया ने राज्यपाल परिचय देते हुए उनकी उपलब्धि को बताया।
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में उच्च शिक्षा बहुत पीछे हैं और हम सबको इसपर काम करना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी भी है कि इसे हम बेहतर करें। उन्होंने कहा कि झारखंड को और बहुत काम करने की आवश्यकता है देश में हमें झारखंड की जिस तरह प्रतिष्ठा बननी चाहिए वह हम नहीं बना पाए हैं। इस चेंबर के करीब 2500 प्रतिनिधि करीब राज्य की ढाई लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो गौरवपूर्ण बात है। यहां यह भी आवश्यकता है कि छोटे, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने जमशेदपुर को देश में स्वच्छता वाले शहरों में से तीसरा स्थान प्राप्त करने पर बधाई भी दी।
जमशेदपुर की पहचान आदर्श सामाजिक मॉडल के रूप में भी पहचान है। अविभाजित बिहार की दूसरी सबसे बड़ी व्यावसायिक संस्था रही है बल्कि झारखंड की सबसे प्रभावी औद्योगिक मंच भी है। उन्होंने बताया कि मई में लोकसभाध्यक्ष ओम बिड़ला ने भी चैंबर के लोगों को सम्मानित किया था।
वर्तमान में चैम्बर के साथ कोल्हान के 25 सौ उद्यमी जुड़े हैं जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ढाई लाख लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह बड़ी उपलब्धि है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।
आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल अभियानों ने देश की व्यापारिक और औद्योगिक जगत को नई दिशा प्रदान की है। इसमें सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स भी आगामी वर्षों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। प्रसन्नतिा की बात है कि चैंबर ने हरित औद्योगिकरण को अपने एजेंडे में शामिल किया है।
व्यापारियों से की चर्चा
अंत में व्यापारियों के साथ एक बातचीत का भी कार्यक्रम रखा गया जिसमें कुछ लोगों ने झारखंड में जमशेदपुर के महत्व को बताते हुए यहां के विकास को लेकर कुछ सुझाव दिए। जिसमें मुरलीधर केडिया ने किरीबूरु क्षेत्र को हिल स्टेशन बनाने की बात की तो एके श्रीवास्तव ने कहा कि जमशेदपुर में स्टील तो तैयार होता है लेकिन स्टील पर आधारित बनने वाले उद्योग भी यहां लगाए जाने चाहिए। वहीं संदीप ने यहां के सीएसआर की अधिकतम राशि दूसरे राज्यों में खर्च होने पर चिंता जाहिर की। चाकुलिया से आए व्यापारी दुर्गा दत्त लोढ़ा ने वहां 550 एकड़ एयरपोर्ट की जमीन का सदुपयोग करने के सुझाव दिए। इस पर राज्यपाल ने कहा कि यह सब प्रयास आपके और आपके जन प्रतिनिधियों द्वारा किए जाने चाहिए इसके लिए आप सभी लोग आगे बढ़िए और कार्य कीजिए ताकि प्रदेश देश के सर्वोच्च राज्य में स्थान बना सके। इस अवसर पर चेंबर के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका सहित चेंबर के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे।
