राजद के जिलाध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया की शिकायत लालू यादव से
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की सामानांतर कमेटी की घोषणा रविवार को हो सकती है। विवादास्पद ढंग से शंभूनाथ चौधरी को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का जिलाध्यक्ष बनाए जाने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। इस मसले पर भुइयांडीह स्थित लिट्टी चौक के पास रविवार को 10 बजे से बैठक बुलाई गई है। इसमें सभी जिलाध्यक्ष एवं प्रमुख नेताओं को आमंत्रित किया गया है।
दूसरी ओर, इस मामले की शिकायत सीधे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से की गई है। उन्हें बताया गया कि चौधरी को गलत तरीके से जिलाध्यक्ष बना दिया गया है। इस मामले में राजद के संविधान का उल्लंघन किया गया है। शिकायत करने वालों में पूर्व जिलाध्यक्ष सुबोध राय उर्फ सुभाष यादव, श्रमिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष ललन यादव और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बलदेव सिंह आदि शामिल हैं। इन नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव को भी शिकायत की कॉपी भेजी है।
सुभाष यादव, ललन यादव और बलदेव सिंह ने बताया कि सभी जानते हैं कि शंभू चौधरी को राजद की सदस्यता ग्रहण किए मात्र दो माह हुए हैं। राजद के संविधान के अनुसार, कोई कार्यकर्ता बिना एक साल बिताए न तो चुनाव लड़ सकता है और न उसे पदाधिकारी बनाया जा सकता है। ऐसे में जब शंभू चौधरी ने चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की तो उनलोगों ने राष्ट्रीय नेतृत्व से शिकायत की, जिसके आलोक में जिला निर्वाचन पदाधिकारी जनार्दन कुमार को 8 जुलाई को चुनाव स्थगित करने की अधिसूचना जारी करनी पड़ी। परंतु उन्होंने साजिश कर पूर्व निर्धारित चुनाव के दिन 10 जुलाई को गुपचुप तरीके से शंभू चौधरी को जिलाध्यक्ष घोषित कर दिया। इसका विरोध करने पर पूर्व युवा अध्यक्ष नूर जमा के साथ मारपीट की गई। इसकी शिकायत उनलोगों ने जब प्रदेश अध्यक्ष से की तो उन्होंने बताया कि चुनाव हुआ है कहकर जनार्दन कुमार ने उनसे साइन करवा लिया।
