धोखेबाज एनजीओ बनकर रूसी वेबसाइट पर झूठे दावे से पीड़ितों को धोखा देते हैं
प्रमुख बिंदु:
• छोटा गोविंदपुर के अवधेश कुमार ने साइबर अपराधियों के हाथों ₹31,459 गंवाए
• घोटालेबाजों ने खुद को आयुष्मान भारत एनजीओ का प्रतिनिधि बताया
• धोखाधड़ी का एहसास होने से पहले पीड़ित ने तीन दिनों में कई बार भुगतान किया
जमशेदपुर – छोटा गोविंदपुर निवासी आयुष्मान भारत योजना के नाम के दुरुपयोग से जुड़े एक परिष्कृत साइबर घोटाले का शिकार हो गया।
यह घटना 18 से 20 अगस्त 2024 के बीच घटित हुई।
पीड़ित अवधेश कुमार ने बिष्टुपुर साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
18 अगस्त को कुमार को आयुष्मान भारत एनजीओ के कथित प्रतिनिधियों का फोन आया।
घोटालेबाजों ने दावा किया कि उनका मोबाइल नंबर एक रूसी वेबसाइट पर पंजीकृत है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि यह नंबर भारत में प्रतिबंधित है।
इस काल्पनिक मुद्दे को सुलझाने के लिए कुमार को एक फॉर्म के लिए 350 रुपये का भुगतान करने को कहा गया।
उन्होंने यह रकम गोविंद यादव नाम के खाते में ट्रांसफर कर दी।
इसके बाद 20 अगस्त को धोखेबाजों ने और अधिक भुगतान की मांग की।
उन्होंने झूठा वादा किया कि अतिरिक्त धनराशि देकर उनका नंबर प्रतिबंधित साइट से हटा दिया जाएगा।
कुमार ने अगले कुछ दिनों में कई लेनदेन किए, जिनकी कुल राशि ₹31,459 थी।
कुमार ने पुलिस रिपोर्ट में कहा, “मुझे बहुत देर से एहसास हुआ कि मेरे साथ धोखा हुआ है।”
अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं और नागरिकों को ऐसे घोटालों के बारे में चेतावनी दे रहे हैं।
निष्कर्षतः, यह घटना साइबर धोखाधड़ी योजनाओं की बढ़ती जटिलता को उजागर करती है।
