नक्सल विरोधी अभियान के दौरान 5 किलो का आईईडी बरामद कर उसे सुरक्षित रूप से नष्ट किया गया
पश्चिमी सिंहभूम में एक संयुक्त सुरक्षा अभियान में नक्सलियों द्वारा लगाए गए 5 किलोग्राम के इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को सफलतापूर्वक बरामद कर उसे निष्क्रिय कर दिया गया।
चाईबासा – पश्चिमी सिंहभूम में सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान चलाकर तुंबाका और प्रधान घाट इलाकों में नक्सलियों द्वारा लगाए गए 5 किलोग्राम के इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को बरामद कर सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया है।
शीर्ष आतंकवादियों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे अभियान के दौरान आईईडी की खोज की गई। भाकपा(माओवादी) नेता.
मिसिर बेसरा और अनमाएल सहित प्रमुख नक्सली नेताओं की पहचान कालेहन क्षेत्र में सक्रिय नक्सली के रूप में की गई है।
चाईबासा पुलिस, कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ की कई इकाइयों की एक संयुक्त टीम इस अभियान को अंजाम दे रही है।
यह अभियान 10 अक्टूबर 2023 से चल रहा है, जो क्षेत्र के कई गांवों को कवर करेगा।
विस्फोटक उपकरण का उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा बलों को निशाना बनाना था।
किसी भी संभावित खतरे को रोकने के लिए बम निरोधक दस्ते ने आईईडी को मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।
यह अभियान गेलकेरा और टांटा दोनों पुलिस थानों के अंतर्गत आता है।
यह बरामदगी पश्चिमी सिंहभूम में चल रहे नक्सल विरोधी प्रयासों में एक महत्वपूर्ण सफलता है।
सुरक्षा बल सतर्क हैं और नक्सली खतरों को बेअसर करने के लिए अपने अभियान जारी रखे हुए हैं।
आईईडी का सफल निपटान समुदाय की सुरक्षा के प्रति बलों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह अभियान नक्सली गतिविधियों के लिए जाने जाने वाले जंगली और पहाड़ी क्षेत्रों को लक्ष्य बनाकर चलाया जा रहा है।
यह घटना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर करती है।
