केबुल की 177 एकड़ जमीन की लीज हमारे पास, कंपनी वेदांता को मिल गई, लीज के समय मामले को देखेंगे
जमशेदपुर : टाटा स्टील कारपोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डीबी सुंदररामम ने नये वर्ष के मौके पर एक अहम घोषणा करते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार चाहे तो उसे 2005 में लीज से बाहर गई 86 बस्ती की ज़मीन को टाटा लीज़ नवीकरण करारनामा में वापस लेने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वे गुरुवार को सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस में न्यू ईयर केक समारोह में कंपनी के ग्लोबल एमडी सह सीईओ टीवी नरेन्द्रन के साथ संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा, 86 बस्ती को हम सेवा देते रहेंगे। हालांकि सरकार अगर 86 बस्ती को फिर से लीज में शामिल करना चाहेगी तो हमें कोई ऐतराज नहीं है। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर को लीज की अवधि बीत गई, यह ठीक है। परंतु लीज नवीकरण का प्रस्ताव संभवत: राज्य सरकार के पास जा चुका है। कमिश्नर की नियुक्ति बाकी है। हो जाने पर उनके नेतृत्व में हमारे प्रस्ताव की जांच की जाएगी और फिर उस पर सरकार निर्णय लेगी। परंतु डीम्ड लीज है, जो कभी खत्म नहीं होता। तब तक, जब सरकार उसके बारे में कोई अधिसूचना जारी नहीं कर दे।
एक सवाल के जवाब में सुंदररामम ने कहा, केबुल कंपनी की 177 एकड़ जमीन की लीज हमारे पास है। कंपनी तो एनसीएलएटी से वेदांता को मिल गई है, परंतु लीज नवीकरण के समय हम देखेंगे कि इसका क्या होता है।
कार्बन टैक्स, सेफगार्ड ड्यूटी का स्वागत
एमडी टीवी नरेंद्रन ने कहा कि साल 2025 भारत के लिए बहुत अच्छा था। नरेंद्रन ने कहा, भारत अब दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में से एक है। भारत में स्टील की खपत भी तेज़ी से बढ़ रही है, क्योंकि केंद्र सरकार का पूरा ध्यान इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास जैसे सड़क, रेल नेटवर्क, बंदरगाह वगैरह पर है। हम कार्बन टैक्स लगाने के भारत सरकार के फैसले का भी स्वागत करते हैं। इससे कंपनियों को अपना कार्बन उत्पादन कम करना होगा। भारत ने नेट ज़ीरो टारगेट के लिए 2070 तय किया है, जबकि दूसरे देशों के लिए यह 2050 है। हम अगले दो साल के लिए लगाई गई सेफगार्ड ड्यूटी का भी स्वागत करते हैं। यह छह महीने के लिए थी, लेकिन इसका समय सितंबर या नवंबर में खत्म हो गया था, जिसे फिर से बढ़ाया गया है।
जमशेदपुर प्लांट में कोई विस्तार नहीं : नरेंद्रन
विस्तारीकरण के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे टाटा स्टील जमशेदपुर प्लांट में 1100 एकड़ लीज़ पर ली गई ज़मीन पर 11 मिलियन टन स्टील का प्रोडक्शन कर रहे हैं। इसका अब और विस्तार नहीं होगा। हालांकि दूसरे प्लांट में विस्तार हो रहा है।
इजीमेल से 30 प्रतिशत कम होगी कोयले की खपत
ब्लास्ट फर्नेस में इजी मेल एक ऐसी तकनीक है जिस पर हम एसएमएस के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके लागू होने पर ब्लास्ट फर्नेस में कोयले की खपत 30 प्रतिशत कम हो सकता है। साथ ही ई-ब्लास्ट फर्नेस यह 2028-29 तक रिलाइनिंग के लिए तैयार हो जाएगा।
चीन के कम कीमत पर निर्यात से समस्या
नरेंद्रन ने कहा, पिछले पांच सालों से भारत में स्टील की कीमतें बहुत कम रहीं। इंटरनेशनल कीमत से 3000 रुपये प्रति टन कम। चीन पिछले दो सालों से बहुत सस्ते रेट पर 100-110 मीट्रिक स्टील एक्सपोर्ट कर रहा है। जबकि भारत में अभी कुल स्टील प्रोडक्शन 150 मीट्रिक टन है। इसलिए अरब, यूरोप और दक्षिण एशिया में हमें चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। चीन सबसे कम फ्रेट रेट पर स्टील दे रहा, क्योंकि उनका इंफ्रास्ट्रक्चर अच्छी तरह से डेवलप है, जबकि भारत में यह अब तेजी से डेवलप हो रहा है।
