जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले में आत्महत्या के दो अलग-अलग मामलों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। एक घटना गोविंदपुर थाना क्षेत्र के लुआबासा गांव की है, जहां प्रेम प्रसंग से परेशान एक 17 वर्षीय किशोर ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं दूसरी घटना बोड़ाम थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव की है, जहां 16 वर्षीय किशोर का शव जंगल में पेड़ से लटका मिला। दोनों मामलों में पुलिस जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, गोविंदपुर थाना क्षेत्र के लुआबासा गांव निवासी 17 वर्षीय चैतन्य सिंह सोमवार रात गांव में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। वहां उसने दोस्तों के साथ डांस भी किया। देर रात घर लौटने के बाद उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय घर में कोई सदस्य मौजूद नहीं था, क्योंकि परिवार के लोग दूसरे गांव में शादी समारोह में गए हुए थे। रात करीब 12:30 बजे जब परिजन लौटे तो चैतन्य को फंदे से झूलता देख घर में चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलने पर गोविंदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता रघु सिंह ने बताया कि चैतन्य का गांव की ही एक युवती के साथ प्रेम संबंध था। आशंका जताई जा रही है कि किसी बात को लेकर तनाव में उसने आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने यूडी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
इधर, बोड़ाम थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव निवासी 16 वर्षीय वैद्यनाथ बेसरा का शव घर से करीब 500 मीटर दूर जंगल में पेड़ से लटका मिला। परिजनों के मुताबिक वैद्यनाथ 10 मई की शाम मेला जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन जंगल में उसका शव मिलने से पूरे गांव में मातम पसर गया।
मृतक के पिता सुनील बेसरा ने बताया कि वैद्यनाथ फुटबॉल का अच्छा खिलाड़ी था और उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। फिलहाल उसकी मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए हर पहलू से जांच शुरू कर दी है।
दोनों घटनाओं के बाद संबंधित गांवों में शोक का माहौल है और लोग इन घटनाओं से स्तब्ध हैं।

