जमशेदपुर: खरीफ सीजन को देखते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त राजीव रंजन ने कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने सभी बैंकिंग संस्थानों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) शिविर आयोजित कर पात्र किसानों को समय पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि खेती-किसानी के कार्यों को आवश्यक वित्तीय सहायता मिल सके।
बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिले में संस्थागत ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio), वार्षिक ऋण योजना के तहत उपलब्धियों, लंबित ऋण आवेदनों तथा प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में ऋण वितरण की स्थिति का आकलन किया गया।
उन्होंने बैंकों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समन्वित प्रयास करने और पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचाने का निर्देश दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के औपचारिकीकरण योजना (PMFME) तथा डिजिटल वित्तीय जागरूकता अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लाभुकों तक पहुंच बढ़ाने और बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उपायों पर चर्चा की।
अग्रणी जिला प्रबंधक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक ऋण योजना के लक्ष्य और प्राथमिकताओं की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में बैंकिंग सुविधाओं से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने और वित्तीय समावेशन को मजबूत करने के प्रयासों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा, नाबार्ड द्वारा तैयार की जाने वाली संभावित ऋण योजना (Potential Linked Credit Plan) के प्रारंभिक मसौदे पर चर्चा की गई। विभिन्न विभागों और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जिले में आर्थिक विकास, कृषि उन्नयन और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, भारतीय रिजर्व बैंक रांची के प्रबंधक शोहम शोम, नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक (DPM) जस्मिका बास्के, अग्रणी जिला प्रबंधक संजीव कुमार चौधरी समेत विभिन्न विभागों और बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।
