नई दिल्ली: मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 में कथित प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के मामले ने देशभर में हड़कंप मचा दिया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले में मंगलवार को प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। केंद्र सरकार के निर्देश के बाद एजेंसी ने आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने भी बड़ा फैसला लेते हुए तीन मई को आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द करने की घोषणा कर दी। सरकार ने मामले की विस्तृत जांच CBI को सौंपते हुए पुनः परीक्षा आयोजित कराने का निर्णय लिया है। नई परीक्षा तिथियों की घोषणा अलग से की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, CBI जल्द ही राजस्थान में अपनी टीम भेजेगी, जहां राज्य पुलिस का विशेष अभियान समूह (SOG) पहले से मामले की जांच कर रहा था। जांच एजेंसी वहां से दस्तावेज और अन्य साक्ष्य एकत्र करेगी। उल्लेखनीय है कि CBI इससे पहले भी 2024 के NEET पेपर लीक मामले की जांच कर चुकी है।
इस वर्ष NEET UG परीक्षा 3 मई 2026 को भारत के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में आयोजित की गई थी। परीक्षा में करीब 23 लाख अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था।
NTA के मुताबिक, परीक्षा के चार दिन बाद यानी 7 मई की शाम को कथित अनियमितताओं से जुड़ी सूचनाएं मिलीं। इसके बाद 8 मई की सुबह मामले को स्वतंत्र सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेज दिया गया। एजेंसियों से प्राप्त प्रारंभिक जानकारी और जांच के आधार पर केंद्र सरकार की मंजूरी से परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।
इधर, राजस्थान पुलिस के SOG ने दावा किया है कि परीक्षा से पहले छात्रों के बीच रसायन विज्ञान का एक कथित “गेस पेपर” बांटा गया था। इस गेस पेपर में लगभग 410 प्रश्न थे, जिनमें से करीब 120 प्रश्न वास्तविक परीक्षा में पूछे गए। हालांकि रसायन विज्ञान खंड में कुल 45 प्रश्न थे, लेकिन परीक्षा चार अलग-अलग सेटों में आयोजित की गई थी।
SOG के एडीजी विशाल बंसल ने कहा कि यह कथित गेस पेपर परीक्षा से 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक छात्रों के बीच पहुंच चुका था। जांच एजेंसियां इसी आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
