राजनगर : सरायकेला खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली व्यवस्था की भारी लापरवाही के बीच मोबाइल की रोशनी में कराए गए प्रसव के दौरान प्रसूता और नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान घोर लापरवाही के कारण प्रसूता विनीता बानरा और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले को लेकर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सड़कों पर उतर आई। जिला अध्यक्ष हरे कृष्ण प्रधान के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सिदो-कान्हू चौक से सीएचसी गेट तक विरोध मार्च निकाला।
प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल प्रबंधन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सीएचसी के मुख्य द्वार के सामने धरना देते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं का आरोप था कि अस्पताल में न तो समुचित बिजली व्यवस्था थी और न ही कोई बैकअप सुविधा, जिसके कारण मोबाइल की रोशनी में प्रसव कराना पड़ा—जो अंततः मां और बच्चे की मौत का कारण बना।
धरना में शामिल पूर्व सांसद सह भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष गीता कोड़ा ने घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भी सरकारी अस्पतालों में बिजली और बैकअप जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव होना बेहद शर्मनाक है। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि “संस्थागत हत्या” का मामला है।
उन्होंने कहा कि भाजपा पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा। गीता कोड़ा ने मृतका के परिजनों को 50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। साथ ही उन्होंने इस घटना के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों, नर्सों और अधिकारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग उठाई।
प्रदर्शन के बाद भाजपा नेताओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीओ को सौंपा। इस दौरान प्रदेश मंत्री शैलेन्द्र सिंह, पूर्व विधायक अनंत राम टुडू, जिला महामंत्री राकेश मिश्रा, जिला मंत्री सूर्या देवी, भुवनेश्वर महतो, बलदेव मंडल, प्रखंड अध्यक्ष मनसा लोहार समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।


