West Bengal Assembly Election : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और अंतिम चरण के लिए 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले प्रचार अभियान सोमवार शाम 6 बजे समाप्त हो गया। इसके साथ ही 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू हो गया है, जिसके दौरान किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार प्रतिबंधित रहेगा।
प्रचार के अंतिम दिन नरेंद्र मोदी ने उत्तर 24 परगना जिले के जगतदल में अपनी आखिरी जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में सरकार बनाएगी और वे अगले महीने राज्य के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए फिर आएंगे।
दूसरे चरण में राज्य की 142 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इनमें नदिया, पूर्व बर्धमान, हावड़ा, हुगली, उत्तर व दक्षिण 24 परगना और कोलकाता क्षेत्र शामिल हैं। इन सीटों पर कुल 1,448 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए इस बार ईवीएम और बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीर, नाम, क्रमांक और चुनाव चिन्ह स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की व्यवस्था की है।
मतदाता आंकड़ों के अनुसार, इस चरण में कुल 3,21,73,837 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1,64,35,627 पुरुष, 1,57,37,418 महिलाएं और 792 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। इससे पहले 23 अप्रैल को हुए पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
दूसरे चरण का मतदान अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराया जाएगा। इसके लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 2,407 कंपनियां तैनात की गई हैं। साथ ही राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस भी पूरी तरह मुस्तैद रहेगी।
चुनावी प्रचार के दौरान भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों को लेकर हमला बोला।
वहीं तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर ही सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत करीब एक करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए और आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। दूसरी ओर, वाम मोर्चा और ऑल इंडिया सेक्युलर फ्रंट ने भाजपा और तृणमूल कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा, हालांकि उनका फोकस ज्यादा तृणमूल कांग्रेस पर रहा।
