नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखा। लगातार दूसरे दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में रहे।
: वैश्विक तनाव और कमजोर संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। तीस शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंक यानी 1.09% टूटकर 77,664 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह एक समय 942.31 अंक गिरकर 77,574.18 तक पहुंच गया था।
वहीं, 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 205.05 अंक यानी 0.84% गिरकर 24,173.05 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका-ईरान वार्ता में ठहराव और इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी रही। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.89% बढ़कर 103.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ी।
सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में प्रमुख गिरावट दर्ज की गई। वहीं अदाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, सन फार्मा, भारती एयरटेल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयरों में बढ़त देखने को मिली।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 2,078.36 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव बना।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर के मुताबिक, अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध और कच्चे तेल की कीमतों के 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने से बाजार धारणा कमजोर हुई है। इसके साथ ही कमजोर वैश्विक संकेत, एफआईआई की लगातार बिकवाली, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी ने निवेशकों को सतर्क रुख अपनाने पर मजबूर किया।
