काठमांडू: नेपाल की सियासत में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनका यह फैसला हाल के दिनों में सामने आए विवादों और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच आया है।
गुरुंग पर व्यवसायी दीपक भट्ट के साथ कथित व्यावसायिक संबंधों को लेकर सवाल उठ रहे थे। भट्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच चल रही है, जिससे यह विवाद और गहरा गया।
अपने इस्तीफे की घोषणा गुरुंग ने सोशल मीडिया के जरिए की। फेसबुक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनसे जुड़े मामलों में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के हितों के टकराव से बचने के लिए उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके निवेश, विशेषकर शेयर बाजार में निवेश को लेकर उठे सवालों को उन्होंने गंभीरता से लिया है।
गुरुंग ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री बालेन शाह को सौंप दिया और जांच में पूरा सहयोग देने की बात कही। इससे पहले उन्होंने अफवाहों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि आरोप और सच्चाई अलग-अलग चीजें हैं और फैसले सबूतों के आधार पर होने चाहिए, न कि भावनाओं के आधार पर।
क्या थे आरोप?
गृहमंत्री पर आरोप था कि उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी दीपक भट्ट और सुलभ अग्रवाल जैसे विवादित व्यापारियों के साथ व्यावसायिक साझेदारी की थी। साथ ही, उन्होंने अपनी संपत्ति घोषणा में कुछ कंपनियों—जैसे स्टार माइक्रो इंश्योरेंस और लिबर्टी माइक्रो लाइफ—में किए गए निवेश का खुलासा नहीं किया।
इसके अलावा, उनके बैंक खाते में करीब 60 लाख रुपये जमा होने और उससे शेयर खरीदने का मामला भी सामने आया, जिससे धन के स्रोत पर सवाल खड़े हुए। यह भी आरोप लगा कि गृहमंत्री रहते हुए वे उसी पुलिस विभाग के प्रमुख थे, जो उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ जांच कर रहा था। विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार और नैतिकता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया था।
