jamshedpur जमशेदपुर में मछलियों के मरने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते महीने दो अलग-अलग स्थानों पर मछलियों के मरने के बाद रविवार को डोबो पुल के नीचे स्वर्णरेखा नदी में हजारों मृत मछलियां पाई गईं। सुबह करीब तीन बजे जब मछुआरे मछली पकड़ने पहुंचे, तो बिना जाल के ही मछलियां उनके हाथ में आ गईं, लेकिन सभी मछलियां मृत थीं।
इस घटना की सूचना जनता दल (यू) के सोनारी मंडल अध्यक्ष चुन्नू भूमिज ने जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय को दी। मौके पर पहुंचने तक अधिकांश लोग मृत मछलियां लेकर जा चुके थे और कुछ ही मछलियां वहां बची थीं।
स्थिति का जायजा लेने के बाद सरयू राय ने कहा कि बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत हुई है और लोगों में मृत मछलियां ले जाने की होड़ लगी हुई थी। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मछलियां मिलीं, उसके पास ही सोनारी की ओर से आने वाला एक सीवेज नाला है। करीब पांच साल पहले यहां बनाए गए कुंड अब गंदगी का स्रोत बन चुके हैं और उनमें जमा दूषित पानी सीधे नदी में मिल रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि सीवेज के जरिए किसी जहरीले या दूषित पदार्थ के नदी में पहुंचने से मछलियों की मौत हुई है। आसपास बड़ी मात्रा में उगी जलकुंभी भी प्रदूषण की ओर इशारा कर रही है, जो आमतौर पर गंदे पानी में पनपती है।
सरयू राय ने कहा कि शहर की गंदगी सीधे स्वर्णरेखा नदी में गिर रही है, जिससे न सिर्फ जलीय जीवन प्रभावित हो रहा है बल्कि यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टाटा स्टील और नगर निकाय से मामले की जांच कर कारणों का खुलासा करने की मांग की है।


