नई दिल्ली। बिहार में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सक्रियता राज्य की सीमाओं से बाहर निकलकर राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली तक पहुंच गई है। रविवार को मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कई केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर राज्य के विकास, समन्वय और राजनीतिक रणनीति से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने मीडिया को बताया कि उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान “विकसित बिहार” के विजन को लेकर विस्तृत बातचीत हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री के अनुभव और मार्गदर्शन से राज्य के विकास को नई दिशा मिल सकती है।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी शिष्टाचार मुलाकात की। बैठक में बिहार में रेल अवसंरचना को सुदृढ़ करने, कनेक्टिविटी बढ़ाने और विकास परियोजनाओं को गति देने जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र के सहयोग से राज्य में रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) से भी मुलाकात की। इस दौरान बिहार से जुड़े विभिन्न विकासात्मक विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ और राज्य के समग्र विकास के लिए बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया।
इसी क्रम में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय से भी मुख्यमंत्री की मुलाकात हुई। इस बैठक में “विकसित भारत, समृद्ध बिहार” के लक्ष्य को लेकर सकारात्मक और परिणामोन्मुखी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से भी शिष्टाचार भेंट की। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं बिहार प्रभारी विनोद तावड़े से भी उन्होंने मुलाकात कर संगठनात्मक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ये सभी मुलाकातें बिहार में संभावित कैबिनेट विस्तार से पहले राजनीतिक समीकरणों को साधने और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम हैं। इन बैठकों से यह संकेत मिल रहे हैं कि राज्य में जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं, साथ ही विकास परियोजनाओं को भी नई गति मिलने की संभावना है।—————
