नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में जमशेदपुर में विशाल पदयात्रा, विधायक पूर्णिमा साहू ने किया नेतृत्व, हजारों महिलाओं की भागीदारी
जमशेदपुर: ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में गुरुवार को लौहनगरी जमशेदपुर में एक विशाल पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा का नेतृत्व जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने किया, जिसमें हजारों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की पत्नी मीरा मुंडा की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।
पदयात्रा एग्रिको ट्रैफिक सिग्नल के पास स्थित दुर्गा पूजा मैदान से शुरू होकर भालूबासा हरिजन स्कूल मैदान तक गई, जहां इसका समापन हुआ।
पूरे मार्ग में महिलाओं का जोश और उत्साह देखते ही बन रहा था। ‘भारत माता की जय’ और ‘नारी शक्ति जिंदाबाद’ जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा
पदयात्रा में शामिल महिलाओं ने हाथों में महिला सशक्तिकरण और अधिनियम के समर्थन में लिखी तख्तियां लेकर अपनी आवाज बुलंद की।
कार्यक्रम में झारखंड की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली, जहां कई महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल हुईं। स्काउट एंड गाइड के सदस्यों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
भालूबासा हरिजन स्कूल मैदान में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने सामूहिक हस्ताक्षर कर प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि यह भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का ऐतिहासिक क्षण है, जब महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने इसे दूरदर्शी निर्णय बताते हुए कहा कि इससे नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और देश की आधी आबादी को नेतृत्व का सशक्त अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से संसद में महिलाओं की भागीदारी 13.63 प्रतिशत से बढ़कर 33 प्रतिशत हो जाएगी, जो सामाजिक बदलाव की नई दिशा तय करेगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि देश की अनेक महान महिलाओं ने अपने संघर्ष और समर्पण से समाज में नई चेतना का संचार किया है और यह अधिनियम उसी परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य करेगा।
