जमशेदपुर : समाहरणालय सभागार में बुधवार को आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही अंतर्विभागीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर योजनाओं को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान आधारभूत संरचना, नागरिक सुविधाएं, जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण, शिक्षण संस्थानों में मूलभूत सुविधाएं, आंगनबाड़ी सेवाएं, बच्चों का पारगमन, आवासीय विद्यालयों में स्वास्थ्य जांच तथा गर्मी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं की गहन समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की योजनाएं विशेष लक्षित वर्गों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, इसलिए उनका क्रियान्वयन पारदर्शी और समयबद्ध होना बेहद जरूरी है ताकि लाभुकों को वास्तविक लाभ मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे योजनाओं में आ रही बाधाओं के समाधान के लिए नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और प्रगति की निगरानी करें।
उन्होंने सभी बीडीओ, सीओ और क्षेत्रीय अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम 3-4 दिन फील्ड भ्रमण करने का निर्देश दिया, ताकि जमीनी स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके। छोटी-छोटी समस्याओं का मौके पर ही निपटारा करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इससे आम जनता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन योजनाओं का लाभ अपेक्षित रूप से नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए उपायुक्त ने कहा कि आंकड़ों से आगे बढ़कर लोगों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में काम करना होगा। उन्होंने पेंशन, बीमा जैसी योजनाओं में नवीकरण की कमी को एक बड़ी समस्या बताते हुए बैंक सखी और बैंक कॉरेस्पॉन्डेंट के माध्यम से डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उपायुक्त ने सभी कार्यालय प्रधानों को कार्यसंस्कृति में सुधार लाने, अनुशासन बनाए रखने, नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार करने तथा संसाधनों के समुचित उपयोग पर जोर दिया। साथ ही कार्यालयों में दी जा रही सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग और वित्तीय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त, एसडीएम धालभूम, विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, उप नगर आयुक्त जेएनएसी, डीटीओ, जिला कल्याण पदाधिकारी, स्थापना उपसमाहर्ता, विभिन्न तकनीकी विभागों के अभियंता, बीडीओ, सीओ, एलडीएम, डीपीएम जेएसएलपीएस सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बीडीओ/ सीओ सप्ताह में 3-4 दिन फील्ड में जाएं, स्वयं पहल कर के छोटी-छोटी समस्याओं का समाधान करें
वित्तीय समावेशन की योजनाओं को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता लाएं, बी.सी, डिजिटल बैंक सखी के माध्यम से बैंकिग सेवाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में डोर स्टेप तक ले जाएं
… श्री कर्ण सत्यार्थी, उपायुक्त
