पोटका विधानसभा को खेल के क्षेत्र में अग्रणी बनाने का रहेगा प्रयास : संजीव सरदार
खेल क्रांति: एक ही दिन में 8 फुटबॉल टूर्नामेंट में मुख्य अतिथि रहे विधायक संजीव सरदार
पोटका: पोटका विधानसभा क्षेत्र में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और जनभागीदारी का नज़ारा देखने को मिल रहा है जहां मूसलाधार बारिश में भी क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में एक साथ आठ स्थानों पर फुटबॉल टूर्नामेंट का आयोजन हुआ। पोटका विधायक संजीव सरदार दिनभर विभिन्न प्रखंडों में आयोजित प्रतियोगिताओं में मुख्य अतिथि के रूप में पहुँचे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
विधायक संजीव सरदार ने क्रमशः नादुप (सुंदरनगर) में आदिवासी मिलन संग द्वारा आयोजित दो दिवसीय टूर्नामेंट, जहातू में मारंग बुरू टूर्नामेंट, चापि, पुतलुपंग (NJRC टूर्नामेंट) चाकड़ी, कशियाबेड़ा, बड़ा बोतला (डुमरिया प्रखंड), तथा लुगु मुर्मू रेसिडेंशियल ट्राइबल स्कूल एवं वीर सिद्धू कान्हू मेमोरियल वेलफेयर सोसाइटी, भाटीन द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में शिरकत की। प्रत्येक स्थल पर खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने विधायक का गर्मजोशी से स्वागत किया। विधायक ने सभी टीमों का उत्साह बढ़ाया और खिलाड़ियों को अनुशासन, मेहनत और टीम भावना का संदेश दिया।
खेल केवल मनोरंजन नहीं, जीवन का अनुशासन सिखाता है : संजीव
विधायक संजीव सरदार ने अपने संबोधन में कहा, “खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, यह जीवन में अनुशासन, एकजुटता और आत्मविश्वास लाने का जरिया है। पोटका के युवाओं में जो ऊर्जा और जुनून मैंने देखा, वह बताता है कि हमारे क्षेत्र में खेलों का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। मेरा प्रयास रहेगा कि पोटका विधानसभा को खेल के क्षेत्र में अग्रणी बनाया जाए।” उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि एक परंपरा है, जो लोगों को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का कार्य करती है।
खिलाड़ियों को किया सम्मानित, विजेता टीमों को मिली बधाई
सभी प्रतियोगिताओं में विधायक ने विजेता और उपविजेता टीमों को ट्रॉफी और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। उन्होंने आयोजकों की सराहना करते हुए कहा कि “इस तरह के आयोजन युवाओं को नशे से दूर और खेल की राह पर ले जाते हैं। ऐसी प्रतियोगिताएँ समाज में एकता और सौहार्द का संदेश देती हैं।”
इन आयोजनों में झामुमो पोटका प्रखंड अध्यक्ष सुधार सोरेन, विद्या सागर दास, भगत बस्की, कजमान सिंह सरदार, असित सरदार, गाजीराम टुडू, राजेश सोरेन आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
