–वर्षों से लंबित मांग पूरी, ट्रैफिक जाम और पर्व-त्योहारों की भीड़ से मिलेगी राहत
जमशेदपुर: शहरवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लिट्टी चौक से भिलाई पहाड़ी तक प्रस्तावित पुल के डिजाइन को आखिरकार विभागीय मंजूरी मिल गई है। वर्षों से लंबित इस परियोजना को हरी झंडी मिलने के बाद अब इसके निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
इस पुल के निर्माण से न केवल स्थानीय लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, बल्कि यह परियोजना नवविकसित मानगो क्षेत्रों, विशेषकर भिलाई पहाड़ी, लिट्टी चौक, और उसके आसपास के इलाकों के सर्वांगीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो.
यातायात को मिलेगी नई रफ्तार
लिट्टी चौक से भिलाई पहाड़ी तक का क्षेत्र अब तक जाम और अव्यवस्थित यातायात के लिए बदनाम रहा है। विशेष रूप से त्योहारों और पर्वों के समय यहां कई घंटे लंबा ट्रैफिक जाम आम बात रही है। अब पुल के निर्माण से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि इस इलाके में वाहन चालकों को घंटों रुकना पड़ता है, जिससे न केवल समय की बर्बादी होती है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का भी खतरा बना रहता है। पुल निर्माण से यह मार्ग सुगम और सुरक्षित बन जाएगा।
विकास को नई दिशा
मानगो का पूर्वी के इलाके जिसमें भिलाई पहाड़ी और आस-पास के मोहल्ले शामिल हैं, का तेजी से विकास होने का मार्ग प्रशस्त हो रहे हैं। लेकिन बुनियादी संरचना के अभाव में यह क्षेत्र अब तक विकास की मुख्यधारा से कटा रहा है। पुल के निर्माण से इस इलाके को मुख्य शहर से बेहतर संपर्क मिलेगा, जिससे आवासीय, व्यावसायिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने लंबे समय से इस पुल की मांग की थी। अब उनके प्रयासों को सफलता मिलने से इलाके में नई योजनाओं और निवेश के द्वार भी खुल सकते हैं।
प्रशासनिक सक्रियता बनी मिसाल
इस परियोजना को लेकर प्रशासन ने बेहद तत्परता दिखाई है। पुल के डिजाइन को लेकर संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाते हुए तेजी से अनुमोदन की प्रक्रिया को पूर्ण किया गया। अधिकारियों का कहना है कि निर्माण कार्य के लिए ठेका प्रक्रिया और बजट स्वीकृति का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।
स्थानीय नागरिक रमेश सिंह ने कहा कि हम लोग वर्षों से इस पुल के लिए आवाज उठा रहे थे। अब जाकर मंजूरी मिली है, तो लगता है कि हमारी परेशानियां कम होंगी। वहीं सुनीता देवी का कहना है कि त्योहारों में बच्चों को स्कूल छोड़ना भी मुश्किल हो जाता है। पुल बन जाने से पूरे इलाके की तस्वीर बदल जाएगी।
