टाटा चैरिटेबल ट्रस्ट विवाद : पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री की याचिका से उठे बड़े सवाल

नई दिल्ली : टाटा चैरिटेबल ट्रस्ट से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री ने अपना कार्यकाल न बढ़ाए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए चैरिटी कमिश्नर का दरवाजा खटखटाया है।

मिस्त्री को 29 अक्टूबर 2022 को तीन साल के लिए ट्रस्टी नियुक्त किया गया था। अक्टूबर 2025 में उनके कार्यकाल के नवीनीकरण का प्रस्ताव बोर्ड के सामने आया, लेकिन इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने चैरिटी कमिश्नर के पास याचिका दाखिल कर दी।

अपनी याचिका में मिस्त्री ने कहा है कि उनका कार्यकाल बिना किसी स्पष्ट कारण के आगे नहीं बढ़ाया गया, जो कि नियमों के खिलाफ है। उन्होंने इस फैसले को चुनौती देते हुए ट्रस्ट के कुछ अहम निर्णयों पर भी सवाल उठाए हैं।

मिस्त्री ने 7 दिसंबर 1923 के ट्रस्ट डीड का हवाला देते हुए कहा कि ट्रस्टियों के लिए कुछ स्पष्ट शर्तें निर्धारित हैं। इनमें पारसी जोरोआस्ट्रियन धर्म का होना और बॉम्बे प्रेसीडेंसी-नवसारी क्षेत्र में स्थायी निवास शामिल है।

उन्होंने मौजूदा ट्रस्टियों वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह की पात्रता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि ये दोनों इन शर्तों को पूरा नहीं करते। मिस्त्री के अनुसार, अगर अयोग्य ट्रस्टियों के वोट हटा दिए जाएं, तो उनके कार्यकाल को न बढ़ाने का फैसला बदल सकता है।

रिकॉर्ड के मुताबिक, नोएल टाटा, वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने मिस्त्री के कार्यकाल विस्तार का विरोध किया, जबकि जहांगीर जहांगीर और डेरियस खंबाटा ने समर्थन किया। वहीं जिम्मी टाटा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

याचिका में मिस्त्री ने ट्रस्ट के कामकाज पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक विश्वासघात, कुप्रबंधन और गलतबयानी शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो वर्षों में ट्रस्ट की कोई बैठक नहीं हुई, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।

मिस्त्री ने चैरिटी कमिश्नर से मांग की है कि ट्रस्ट के रिकॉर्ड और मीटिंग मिनट्स की जांच की जाए, सभी ट्रस्टियों से हलफनामा लिया जाए और उनकी पात्रता की पुष्टि की जाए।

यह मामला अब सिर्फ एक ट्रस्टी के कार्यकाल तक सीमित नहीं है, बल्कि ट्रस्ट की संरचना और प्रबंधन की वैधता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

टीएमसी लूट और भ्रष्टाचार के आधार पर बनी पार्टी है, जितनी जल्दी खत्म हो, उतना बेहतर : दिलीप घोष

कोलकाता, 4 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर जनता से बेरूखी करने का आरोप लगाया...

आईजीपी कश्मीर ने अमरनाथ यात्रा के लिए बालटाल बेस कैंप में सुरक्षा की समीक्षा की

गांदरबल, 4 जून (आईएएनएस)। आगामी श्री अमरनाथ यात्रा 2026 की तैयारी को लेकर आईजीपी कश्मीर वीके बिर्दी ने डीआईजी सेंट्रल कश्मीर रेंज राजीव पांडे...

अभिमत

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

जमशेदपुर से पर्यावरण चेतना का 22-23 मई को होगा नया शंखनाद

बसंत कुमार सिंह ​सभ्यता के विकास और आधुनिकता की अंधी दौड़ में हमने जिन दो प्राकृतिक संपदाओं को सबसे अधिक दांव पर लगाया है, वे...

ज़िद

संपादक की पसंद

कोडरमा : महिला ने टोटो में दिया जुड़वा बच्चों को जन्म, एएनएम बनीं फरिश्ता

कोडरमा, 3 जून (आईएएनएस)। झारखंड के कोडरमा जिले में एक अनोखा और दिल को छू लेने वाला मामला सामने आया है। यहां अस्पताल ले...

यूपी : 2027 की बिसात बिछाने में जुटी भाजपा, भूपेंद्र चौधरी-मनोज पांडेय समेत नए मंत्रियों को मिली अहम जिम्मेदारी

लखनऊ, 3 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को धार देने और संगठन-सरकार के बीच समन्वय को और मजबूत...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत