जमशेदपुर : झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने जीएसटी काउंसिल द्वारा लिए गए फैसले का स्वागत किया है। साथ ही झारखंड सरकार को होने वाले नुकसान को लेकर केंद्र सरकार से विशेष राहत पैकेज देने की मांग दोहराई है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी परिषद में लिए गए फैसले से झारखंड को करीब 200 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है। इसकी भरपाई के लिए केंद्र सरकार को विशेष पहल करनी होगी। पत्रकारों से बातचीत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 2017 में जब जीएसटी लागू की गई थी, उस वक्त भी तकनीकी खामियां थी। झारखंड सरकार द्वारा बार-बार अनुरोध करने के बाद भी उसपर विचार नहीं किया गया। अब जाकर केंद्र सरकार ने जीएसटी में राहत देने का निर्णय लिया है, मगर इससे होने वाले नुकसान पर फोकस नहीं किया गया है। यहां की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को नीतिगत निर्णय लेने की जरूरत है।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर शनिवार को जमशेदपुर पहुंचे। शहर प्रवास के दौरान उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक में जिले में संचालित योजनाओं की समीक्षा की। साथ ही सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की योजनाएं कैसे पहुंचे इसको लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों तक विकास की योजनाएं आज भी नहीं पहुंच पा रही हैं, इसके लिए अधिकारियों को प्रतिबद्धता दिखानी होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक योजनाएं स्वीकृत करें और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास तेज करें। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सभी को आगे आना होगा। इसके लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं ।खासकर पशुपालन विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं।
