भारत सेवाश्रम संघ ने आवासीय बालिका विद्यालय सबरनगर के संचालक और प्रधानाध्यापक को हटाया
भारत सेवाश्रम संघ के सचिव ने उपायुक्त को दी लिखित जानकारी
स्कूल में किए गए कई सुधार, सीसीटीवी कैमरे लगाए, चहारदीवारी बन रही
जमशेदपुर : विवादों में आए भारत सेवाश्रम संघ आवासीय बालिका विद्यालय, सबरनगर पोटका के संचालक राबिन महाराज को वहां से हटा दिया गया है। उन्हें दबांकी स्थानांतरित कर दिया गया है। राजश्री चटर्जी को 1 अगस्त 2025 से राबिन महाराज के स्थान पर भारत सेवाश्रम संघ आवासीय बालिका विद्यालय, सबरनगर की नई महिला विद्यालय संचालक नियुक्त किया गया है। उस स्कूल के प्रधानाध्यापक चुनुराम सबर को पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह बीएसएस प्रणवानंद आवासीय विद्यालय समनपुर की सहायक शिक्षिका अर्शु महाली को प्रोन्नत कर प्रधानाध्यापिका बना दिया गया है। उपायुक्त को यह जानकारी संघ के जमशेदपुर के सचिव स्वामी मुक्तात्मानन्द ने लिखित रूप से दी है।
शौचालय और चहारदीवारी बन रही
स्कूल में सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। छात्रावास से जुड़े शौचालयों का निर्माण शुरू हो गया है और जल्द ही उसके पूरा होने की संभावना है। यूसील जादूगोड़ा से वित्तीय सहायता प्राप्त चहारदीवारी का निर्माण शुरू हो गया है और इसके चार से पांच महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। स्कूल की छात्राओं की चिकित्सा जांच के लिए प्रत्येक मंगलवार को एक योग्य चिकित्सक और फार्मासिस्ट के साथ मोबाइल डिस्पेंसरी भेजी जाती है। आपात स्थिति में बीएसएस आवासीय बालिका विद्यालय सबरनगर के मरीजों को आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के साथ एम्बुलेंस सुविधाओं से सुसज्जित, भारत सेवाश्रम संघ, जमशेदपुर द्वारा संचालित दाबांकी स्थित 20 बेड के अस्पताल में भर्ती किया जाता है। यह अस्पताल सबरनगर से 15 किलोमीटर दूर है। कुएं से पानी लाने के अलावा आश्रम के टैंकर के माध्यम से बाहर से भी पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा भारत सेवाश्रम संघ आवासीय बालिका विद्यालय सबरनगर के तत्कालीन विद्यालय संचालक राबिन महाराज और भारत सेवाश्रम संघ आवासीय बालिका विद्यालय सबरनगर के तत्कालीन प्रधानाध्यापक चुनुराम सबर का पक्ष जो जांच समिति ने स्वीकार नहीं किया था, उसे भी जिला प्रशासन को सौंप दिया गया है। संघ ने यह भी बताया कि यद्यपि विद्यालय को अप्रैल 2024 से आवासीय विद्यालय का दर्जा दिया गया है, फिर भी अबतक भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा कोई अनुदान सहायता आवंटित नहीं की गई है।
जुलाई में हुआ था स्कूल में विवाद
उल्लेखनीय है कि जुलाई में इस स्कूल की छात्राओं ने दो शिक्षिकाओं के खिलाफ प्रताड़ित करने की शिकायत की थी। उपायुक्त ने मामले की जांच की जिम्मेदारी एडीसी सह एडीएम भगीरथ प्रसाद की अध्यक्षता में एक समिति को सौंप दी, जिसमें जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सदर अस्पताल की एक महिला डॉक्टर, सामाजिक सुरक्षा की सहायक निदेशक आदि शामिल थीं। इस विवाद के कारण ग्रामीण राबिन महाराज के पक्ष में आ गए, जबकि दोनों शिक्षिकाओं ने प्रखंड कार्यालय पर धरना दे दिया। इस मामले में एडीसी की अध्यक्षता वाली समिति ने स्कूल को लेकर अनेक शिकायतों की पुष्टि की और कई सुझाव दिए थे। उसी के क्रियान्वयन की रिपोर्ट सचिव ने भेजी है।
