राजस्थान सेवा सदन में अत्याधुनिक लैप्रोस्कोपिक व मिनिमल एक्सेस सर्जरी विभाग का शुभारंभ, विधायक मंगल कालिंदी उपलब्ध कराएंगे एंबुलेंस
जमशेदपुर : जुगसलाई स्थित राजस्थान सेवा सदन में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार करते हुए नए लैप्रोस्कोपिक एवं मिनिमल एक्सेस सर्जरी विभाग की शुरुआत की गई, जिससे मरीजों को कम दर्द और तेजी से रिकवरी वाली सर्जरी सुविधा स्थानीय स्तर पर मिलेगी।
यह विभाग आधुनिक तकनीकों और अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है, जिससे मरीजों को सुरक्षित, कम दर्द वाली और शीघ्र स्वस्थ होने वाली सर्जरी की सुविधा मिलेगी।
इस विभाग में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के तहत गॉल ब्लैडर, स्टोन, अपेंडिक्स और हर्निया के ऑपरेशन किए जाएंगे। वहीं यूरोलॉजी में प्रोस्टेट सर्जरी (TURP), यूरेटर व ब्लैडर स्टोन, सिस्टोस्कोपी तथा गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी में स्फिंक्टर सर्जरी एवं प्रोक्टोलॉजी (फिशर, फिस्टुला, पाइल्स) की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। विभाग का संचालन शहर के सुप्रसिद्ध लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. संजय कुमार (MS, FRCS) के मार्गदर्शन में होगा।
अस्पताल में पहले से ही डायलिसिस, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी, मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर और एनआईसीयू (नवजात शिशु देखभाल इकाई) जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक्स, सर्जरी, पीडियाट्रिक्स, रेडियोलॉजी, ईएनटी, डेंटल और इमरजेंसी सेवाएं भी सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं, जिससे मरीजों को एक ही छत के नीचे समग्र चिकित्सा सेवाएं मिल रही हैं।
सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को सायं 4:30 बजे इस अत्याधुनिक विभाग का उद्घाटन जुगसलाई के विधायक मंगल कालिंदी के कर-कमलों द्वारा किया गया। अपने संबोधन में विधायक ने अस्पताल को एक माह के भीतर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में संस्था के अध्यक्ष दिलीप गोयल, मानद महासचिव सीए जगदीश खंडेलवाल, कोषाध्यक्ष सीए मनीष केडिया, उपाध्यक्ष एवं पार्षद सत्यानारायण अग्रवाल (मुन्ना), मंटू लाल अग्रवाल, संयुक्त सचिव दीपक अग्रवाल (रामुका), आशीष मित्तल, पूर्व अध्यक्ष मुरलीधर केडिया, दीपक भालोटिया, टाटा स्टील के पूर्व पदाधिकारी संजय केडिया, प्रेस प्रभारी बी.एन. शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
संस्था के अध्यक्ष दिलीप गोयल एवं मानद महासचिव सीए जगदीश खंडेलवाल ने बताया कि इस नई सुविधा का उद्देश्य जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े।
