पारंपरिक व्यंजन, प्रतियोगिताएं और सांस्कृतिक प्रदर्शन मेले को जीवंत बनाते हैं
प्रमुख बिंदु:
- पौष मेले में पारंपरिक भोजन और खरीदारी की पेशकश करने वाले 40 से अधिक स्टॉल लगे।
- लोक गीत और समूह नृत्य सहित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आगंतुकों का मनोरंजन किया।
- समापन समारोह में कलाकारों व आयोजकों को सम्मानित किया गया।
जमशेदपुर – सबुज कल्याण संघ ने टेल्को में अपने परिसर में एक दिवसीय पौष मेला का आयोजन किया, जिसमें सांस्कृतिक, पाक और कलात्मक गतिविधियों का जीवंत मिश्रण पेश किया गया।
मेले में 40 से अधिक स्टॉल लगे, जिनमें पीठा-पुली और पेयेश जैसे पारंपरिक व्यंजन शामिल थे। आगंतुकों ने खरीदारी और प्रामाणिक स्थानीय स्वादों का आनंद लिया। इस कार्यक्रम में ड्राइंग, रंगोली और खाना पकाने की प्रतियोगिताएं शामिल थीं, जो पूरे दिन प्रतिभागियों को आकर्षित करती रहीं।
आयोजन की सांस्कृतिक झलकियाँ
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। शाम का मुख्य आकर्षण पिंटू दास का भावपूर्ण बाउल लोक गीत प्रदर्शन था, जिसने मेले के विदाई क्षण को वास्तव में यादगार बना दिया। इससे पहले देबांजलि डांस एकेडमी की छात्राओं ने मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुत किया।
कलाकारों और आयोजकों के लिए मान्यता
दिन भर चले उत्सव का समापन एक पुरस्कार समारोह के साथ हुआ जिसमें भाग लेने वाले कलाकारों और आयोजकों को मेले की सफलता में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
