जमशेदपुर पुलिस ने सार्वजनिक कार्यक्रम में 135 शिकायतों का निपटारा किया
माइकल जॉन ऑडिटोरियम में एसएसपी और एसपी ने शिकायतों पर कार्रवाई का वादा किया
प्रमुख बिंदु:
• पुलिस द्वारा आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम में 135 नागरिकों ने लिखित शिकायतें दर्ज कराईं
• एसएसपी ने साइबर धोखाधड़ी, मानव तस्करी को प्रमुख चिंता बताया
• पुलिस ने पिछले छह महीनों में साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को 1.30 करोड़ रुपये लौटाए
जमशेदपुर – स्थानीय पुलिस ने शुक्रवार को माइकल जॉन ऑडिटोरियम में आयोजित एक कार्यक्रम में 135 जन शिकायतों का समाधान किया और त्वरित कार्रवाई का वादा किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) किशोर कौशल और शहर-सह-ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने उपस्थित लोगों को उनकी शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस कार्यक्रम में शहरी और ग्रामीण दोनों प्रकार के निवासियों ने भाग लिया, जिन्होंने पहले स्थानीय पुलिस थानों में शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन उनका समाधान नहीं हुआ।
एसएसपी कौशल ने जन जागरूकता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देशानुसार सभी जिलों में इस तरह के शिकायत निवारण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कौशल ने कहा, “भविष्य में कार्यक्रम पुलिस स्टेशन और डीएसपी स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।”
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा के लिए एसएसपी कार्यालय में एक शिकायत प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।
प्रमुख चिंताओं पर बात करते हुए कौशल ने कहा, “साइबर धोखाधड़ी, मानव तस्करी और यातायात नियमों का उल्लंघन हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं।”
उन्होंने अभिभावकों से नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने का आग्रह किया तथा पुलिस कार्रवाई के डर के बजाय व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए हेलमेट के उपयोग को प्रोत्साहित किया।
एसपी ऋषभ गर्ग ने जन शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया, कार्यक्रम में सभी शहरी व ग्रामीण डीएसपी व थाना प्रभारी मौजूद रहे।
साइबर अपराध सफलता
एक साइबर पुलिस अधिकारी ने ऑनलाइन धोखाधड़ी से निपटने में महत्वपूर्ण प्रगति का खुलासा किया।
अधिकारी ने बताया, “हमने धोखाधड़ी वाले लेनदेन पर तुरंत रोक लगाकर पिछले छह महीनों में पीड़ितों को 1.30 करोड़ रुपये वापस दिलाए हैं।”
उन्होंने साइबर घोटालों के खिलाफ समय पर रिपोर्टिंग और सार्वजनिक सतर्कता के महत्व पर बल दिया।
कानूनी सहायता सेवाएँ
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव राजेंद्र कुमार ने न्याय और मुआवजा दिलाने में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला।
कुमार ने उपस्थित लोगों को बताया कि, “पिछले महीने हमने 25 मामलों में पीड़ितों के लिए मुआवजे की सिफारिश की थी।”
