पहचान के बावजूद पुलिस ने अभी तक हत्या के संदिग्धों को गिरफ्तार नहीं किया; ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
सरायकेला जिले के गम्हरिया थाना अंतर्गत झार गोविंदपुर में 19 मई को जमीन कारोबारी लालू प्रधान की हत्या के पांच दिन बाद भी हत्यारे पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे ग्रामीण अधिकारियों से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
गम्हरिया – जमीन कारोबारी लालू प्रधान की नृशंस हत्या के पांच दिन बाद भी हत्यारे पहचान होने के बावजूद पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
घटना 19 मई की रात सरायकेला जिले के गम्हरिया थाना अंतर्गत झार गोविंदपुर में घटी।
घटना के पांचवें दिन झार गोविंदपुर के ग्रामीण मृतक के परिजनों के साथ न्याय की गुहार लगाने गम्हरिया थाने में जमा हुए।
ग्रामीणों ने पुलिस पर जांच में ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
झार गोविंदपुर के बलराम प्रधान ने बताया कि 19 मई की रात उनके गांव में लालू प्रधान की हत्या कर दी गई।
अगले दिन एफआईआर दर्ज कर ली गई, लेकिन आरोपी हत्यारों को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है।
प्रगति न होने से निराश होकर मृतक के परिवार के सदस्यों और उसकी बुजुर्ग मां सहित ग्रामीण न्याय की मांग को लेकर पुलिस थाने पहुंचे।
वे पुलिस थाना प्रभारी से मिलने में असमर्थ रहे और उन्होंने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि शिकायतकर्ता को एफआईआर की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
लालू के भाई वृंदावन प्रधान ने कहा कि उन्होंने यह घटना देखी है। हत्या और शशि प्रधान तथा अरविंद प्रधान को अपराधी बताया।
लिखित शिकायत के बावजूद संदिग्ध अब भी आजाद हैं।
ग्रामीण अब हत्यारों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है, जिससे समुदाय चिंतित है और तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहा है।
