मोदी ने झारखंड में 24 हजार करोड़ रुपये की जनजातीय विकास योजनाओं का अनावरण किया
प्रधानमंत्री का झारखंड दौरा जनजातीय कल्याण की पहलकदमियों पर केन्द्रित रहा
पीएम मोदी की झारखंड यात्रा आदिवासी विकास के लिए 24,000 करोड़ रुपये की योजनाओं की शुरुआत, पीवीटीजी समुदायों के लिए बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा पर जोर.
रांची – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदिवासी कल्याण के लिए महत्वपूर्ण घोषणाओं के साथ अपनी झारखंड यात्रा समाप्त की और नयी दिल्ली के लिए रवाना हो गये. एयरपोर्ट पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें विदा किया.
जनजातीय गौरव दिवस पर खूंटी में उन्होंने एक सभा को संबोधित किया.
राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने रांची एयरपोर्ट पर उन्हें विदा किया.
मोदी की यात्रा कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए 24,000 करोड़ रुपये की योजनाओं के शुभारंभ पर केन्द्रित रही.
पीएम मोदी की झारखंड यात्रा आदिवासी विकास के लिए 24,000 करोड़ रुपये की योजनाओं की शुरुआत का प्रतीक है, जो पीवीटीजी समुदायों के लिए बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा पर केंद्रित है. इन पहलों का लक्ष्य पूरे भारत में लगभग 28 लाख व्यक्तियों को प्रभावित करना है.
पीवीटीजी विकास मिशन आदिवासी समुदायों को व्यापक सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
मुख्य फोकस क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं, स्वास्थ्य देखभाल और दूरदराज के क्षेत्रों में शैक्षिक पहुंच शामिल है.
खूंटी में मोदी ने बिरसा मुंडा की पवित्र मिट्टी को माथे पर लगाकर आदिवासी विरासत को श्रद्धांजलि दी.
उन्होंने राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में भारत के जनजातीय समुदायों को मजबूत करने पर जोर दिया.
प्रधानमंत्री ने महिलाओं, किसानों, युवाओं और मध्यम वर्ग को विकास स्तंभ के रूप में रेखांकित किया.
उनके भाषण में वंचितों को प्राथमिकता देने, पिछली उपेक्षाओं को दूर करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता प्रतिबिंबित हुई.
मोदी ने देश को प्रत्येक नागरिक के लिए आवश्यक सेवाओं तक व्यापक पहुंच का आश्वासन दिया.
उनके दृष्टिकोण में 110 से अधिक अविकसित जिलों को आकांक्षी जिलों में बदलना शामिल है.
मुख्य रूप से आदिवासी बहुल इन जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में बढ़ोतरी होगी.
महिला सशक्तिकरण एक प्रमुख विषय था, जिसमें मोदी 2 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की आकांक्षा रखते थे.
उन्होंने व्यक्तिगत रूप से महिलाओं की चुनौतियों का समाधान करने की अपनी प्रतिबद्धता को रेखांकित किया.
पीएम मोदी की झारखंड यात्रा आदिवासी विकास के लिए 24,000 करोड़ रुपये की योजनाओं की शुरुआत का प्रतीक है, जो पीवीटीजी समुदायों के लिए बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा पर केंद्रित है. मोदी ने सरकारी लाभों के समान वितरण के माध्यम से सच्ची धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय की वकालत की.
इस पहल में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पीवीटीजी परिवारों तक पहुंचने के लिए काम करने वाले नौ मंत्रालय शामिल हैं.
योजनाओं में सड़क और दूरसंचार कनेक्टिविटी में सुधार, सुरक्षित आवास और स्वच्छ पेयजल शामिल हैं.
प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और सिकल सेल रोग उन्मूलन जैसी योजनाएं कवरेज का हिस्सा हैं.
समापन में, मोदी ने झारखंड सरकार से 25-वर्षीय परिवर्तन योजना अपनाने का आह्वान किया.
उन्होंने व्यापक राष्ट्रीय प्रगति के लिए सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया.
