जमशेदपुर दुर्गा पूजा: विसर्जन दुर्घटना में हताहतों के लिए मुआवजे को लेकर अबतक कोई निर्णय नहीं
केंद्रीय पूजा समितियों ने मृतकों के परिवारों को दिया 1 लाख रुपये का मुआवजा
जमशेदपुर – बिस्टुपुर थाना अंतर्गत बेली बोधनवाला घाट पर मंगलवार की शाम दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुए हादसे में मृत परिवार के सदस्यों को मुआवजा देने का मामला बुधवार को किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका.
मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने को लेकर बुधवार को कीताडीह दुर्गा पूजा पंडाल में एक बैठक हुई, जिसमें धालभूम एसडीओ पीयूष सिन्हा, केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष अचिंतम गुप्ता, उपाध्यक्ष आशुतोष सिंह और कीताडीह के सदस्य शामिल हुए.
भाजपा जिला अध्यक्ष गुंजन यादव सहित दुर्गा पूजा समिति के सदस्य भी उपस्थित थे इस बैठक में.
बैठक में मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गयी. हालांकि, इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस बयान नहीं दिया गया.
एसडीओ ने कहा कि एक नोडल पदाधिकारी की नियुक्ति की जायेगी ताकि मृतकों एवं घायलों के परिजनों से मेल-मिलाप कराया जा सके. उन्होंने आश्वासन दिया कि जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है और हर संभव मदद की जायेगी.
उधर, केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति ने मृतकों के परिजनों को तत्काल एक-एक लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की.
गुंजन यादव ने इस घटना के लिए जिला प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने दावा किया कि घाट पर न तो कोई रोशनी की व्यवस्था थी और न ही कोई एम्बुलेंस या क्रेन मौजूद थी.
उन्होंने कहा कि इससे संबंधित एक मांग पत्र जिला प्रशासन को सौंपा गया है और मृतक के परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गयी है.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने घटना का जायजा लिया लेकिन मुआवजे को लेकर अब तक चुप्पी साधे हुए हैं.
उल्लेखनीय है कि मंगलवार की देर शाम विसर्जन के दौरान जुगसलाई नया बाजार पूजा समिति की मूर्ति ले जा रहा ट्रक बेली बोधन घाट पर ढलान पर अनियंत्रित होकर पीछे की ओर लुढ़क गया.
इससे विसर्जन घाट पर मौजूद आधा दर्जन लोग ट्रक की चपेट में आ गये थे और इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई.
तीन लोग घायल हो गए थे. सभी घायलों का इलाज टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में चल रहा है.
