ग्लोबल वार्मिंग को भूल जाइए, ‘ग्लोबल बॉयलिंग एरा’ पहले ही आ चुका है: संयुक्त राष्ट्र महासचिव

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि जुलाई 2023 गर्मी के सभी रिकॉर्ड तोड़ने के लिए तैयार है, जो “ग्लोबल ब्वॉयलिंग युग” के आगमन का प्रतीक है.

डेस्क – संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी कि जुलाई 2023 संभवतः “सभी रिकॉर्डों को तोड़ देगा, और यह एक मिनी-हिम युग से थोड़ा ही कम होगा”.

उन्होंने जलवायु परिवर्तन के दुखद रूप से स्पष्ट प्रभावों पर जोर दिया: आग की लपटों से भागते परिवार, प्रचंड गर्मी में श्रमिकों का गिरना, और मानसून की बारिश युवा जिंदगियों को छीन लेना.

अभूतपूर्व मौसम पैटर्नन्यूयॉर्क से एक संवाददाता सम्मेलन में गुटेरेस ने वर्तमान जलवायु परिदृश्य को “भयानक” बताया.

जिनेवा में, विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) और यूरोपीय आयोग की कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा ने महीने के मौसम को “काफी उल्लेखनीय और अभूतपूर्व” बताया.

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि जुलाई पहले ही रिकॉर्ड पर तीन सबसे गर्म दिनों और अब तक के सबसे गर्म तीन हफ्तों का अनुभव कर चुका है.

ज़ूम पर हुए सम्मेलन में बोलते हुए, कोपरनिकस जलवायु परिवर्तन सेवा के निदेशक कार्लो ब्यूएंटेम्पो ने इस विसंगति के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की.

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि जुलाई के पहले तीन सप्ताह अब तक दर्ज किए गए सबसे गर्म तीन सप्ताह रहे हैं.

ब्यूएंटेम्पो ने इस संभावना पर भी प्रकाश डाला कि महत्वपूर्ण तापमान विसंगतियों के कारण जुलाई रिकॉर्ड पर सबसे गर्म महीना होगा.

एक और चिंताजनक तथ्य समुद्र का रिकॉर्ड तापमान है, जो साल के इस समय में अब तक का सबसे अधिक रिकॉर्ड है.

यह पैटर्न अप्रैल के अंत से ही स्पष्ट हो गया है.

डब्लूएमओ के जलवायु सेवाओं के निदेशक क्रिस हेविट ने कहा कि 173 साल के डेटासेट के आधार पर, 2015 से 2022 रिकॉर्ड पर आठ सबसे गर्म वर्षों को चिह्नित करता है, जो 1970 के दशक के बाद से “दशक पर एक स्पष्ट और नाटकीय वार्मिंग दशक” को दर्शाता है.

जलवायु पर ध्यान देने का आह्वान

महासचिव ने उत्सर्जन, जलवायु अनुकूलन और जलवायु वित्तपोषण पर अंतर्राष्ट्रीय कार्रवाई की तत्काल आवश्यकता पर प्रकाश डाला.

उनके अनुसार, “ग्लोबल वार्मिंग का युग समाप्त हो गया है” और “ग्लोबल ब्वॉयलिंग” का युग आ गया है.

उन्होंने जलवायु कार्रवाई और जलवायु न्याय में नेतृत्व करने के लिए जी20 देशों पर दबाव डाला, जो वैश्विक उत्सर्जन का 80% हिस्सा हैं.

शुद्ध शून्य लक्ष्य और अनुकूलन निवेशश्री गुटेरेस ने जी20 सदस्यों से नए राष्ट्रीय उत्सर्जन लक्ष्यों के महत्व पर जोर दिया और सभी देशों से मध्य सदी तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन का लक्ष्य रखने का आग्रह किया.

उन्होंने “अनुकूलन निवेश में वैश्विक वृद्धि” का भी आह्वान किया क्योंकि चरम मौसम “नया सामान्य” होता जा रहा है.

उन्होंने धनी देशों से जलवायु सहायता में प्रति वर्ष 100 अरब डॉलर प्रदान करने और हरित जलवायु कोष को पूरी तरह से वित्त पोषित करने की अपनी प्रतिज्ञा को बरकरार रखने का आग्रह किया.

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

टीएमसी ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया था, इसलिए आज हो रही उनकी दुर्गति: संजय जायसवाल

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। भाजपा नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि इस पार्टी की कार्यशैली से सूबे की...

पीएम मोदी की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने हमेशा हिमाचल को भरपूर आर्थिक सहायता और समर्थन दिया: जेपी नड्डा

शिमला, 13 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को शिमला में भाजपा सरकार के 12 साल पूर्ण होने पर मीडिया से संवाद...

अभिमत

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

जमशेदपुर से पर्यावरण चेतना का 22-23 मई को होगा नया शंखनाद

बसंत कुमार सिंह ​सभ्यता के विकास और आधुनिकता की अंधी दौड़ में हमने जिन दो प्राकृतिक संपदाओं को सबसे अधिक दांव पर लगाया है, वे...

ज़िद

संपादक की पसंद

SARAIKELA KHARSAWAN : डॉ. अमरजीत सिंह डांडवाल बने गम्हरिया गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष

गम्हरिया : सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। रविवार को गम्हरिया गुरुद्वारा परिसर में हुई...

यूबीटी सांसदों की बगावत के दावों पर बोले राजू वाघमारे, बहुमत हमारे पास है ऑपरेशन टाइगर की कोई जरूरत नहीं

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता राजू वाघमारे...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत