Ramnavmi shobha yatra: जमशेदपुर में रामनवमी जुलूस 31 मार्च को, रात 8 बजे तक विसर्जन कार्य पूरा कराने का निर्देश, जिला प्रशासन रेस
जमशेदपुर : लोक पर्व की पहचान बना चुके श्री राम नवमी उत्सव को लेकर जमशेदपुर शहर पूरी तरह राममय हो चुका है. चौक चौराहों बाजारों से लेकर मंदिरों और घरों तक में इसकी रौनक देखते ही बन रही है. 180 लाइसेंसी और करीब 25 गैर लाइसेंसी अखाड़ों द्वारा जोरदार तरीके से भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव मनाने की तैयारी की गई है. 30 मार्च को रामनवमी उत्सव मनाया जाएगा और इसके अगले दिन यानी 31 मार्च को शहर में रामनवमी जुलूस निकलेगा.
जमशेदपुर का रामनवमी जुलूस इतना भव्य और दिव्य होता है कि पूरे झारखंड में इसकी चर्चा होती है और इसे देखने के लिए दूर-दूर से भी लोग आते हैं. रामनवमी अखाड़ा से जुड़े लोग गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा के रूप में झंडा को लहराते निकलते हैं. इसमें तरह-तरह के करतब दिखाए जाते हैं. सनातन संस्कृति की विरासत को दर्शाती झांकियां भी निकाली जाती है. हालांकि राम नवमी के दौरान प्रशासन इसलिए विशेष रुप से अलर्ट रहता है क्योंकि आज से करीब 53 साल पहले रामनवमी के दौरान ही दो समुदाय के बीच हिंसक संघर्ष हो गया था.तब से प्रशासन की ओर से विशेष चौकसी बढ़ती जाती है.
इसी क्रम में रामनवमी के मद्देनजर विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिनियुक्त सुपर जोनल, जोनल दंडाधिकारियों व पुलिस पदाधिकारियों को बुधवार को उनके कर्तव्य के संबंध में उपायुक्त विजया जाधव व वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार द्वारा बताया गया.
बैठक में उपस्थित सदस्यों को संवेदनशील व अतिसंवेदनशील स्थानों की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ बताया गया कि क्या क्या एहतिहाती कदम उठाये जा सकते हैं? सभी को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि रात 8 बजे तक जुलूस का विसर्जन सुनिश्चित करेंगे. किसी एक जगह पर जुलूस ज्यादा देर तक नहीं रूका रहे, इसका भी ध्यान रखेंगे.
अखाड़ों के लाइसेंसधारी से संपर्क बनाये रखने तथा अखाड़ों द्वारा उपलब्ध कराये गए वॉलंटियर से भी संवाद कर जरूरी दिशा-निदेश देने को कहा गया.
. जिले के वरीय पदाधिकारियों ने अखाड़ों के लाइसेंसधारियों से भी अपील की कि शांति व्यवस्था को बाधित किए बिना पर्व मनायें, यह उत्सव का पर्व है. ऐसे में दूसरों की भावनाओं का सम्मान रखते हुए आपसी भाईचारा एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्यौहार संपन्न हो, इसका विशेष ध्यान रखें.
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि ऐसे आयोजनों के सफल संचालन में सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी सक्षम हैं. पूर्व में भी सभी अपनी प्रतिबद्धता दिखाते आए हैं. पूरा जिला प्रशासन आप सभी के साथ है, जरूरत है कि प्रतिनियुक्त बल ऊर्जा बनाये रखें. सभी बीडीओ, सीओ एवं थाना प्रभारी सभी अखाड़ों का संयुक्त रूप से निरीक्षण करें.
उन्होने कहा कि किसी भी तरह से असामाजिक गतिविधि या शांति व्यवस्था बनाये रखने में बाधा पहुंचाने की कोशिश होती है तो तत्काल वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करा लें. जुलूस समापन के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
साकची के रवीन्द्र भवन सभागार में आयोजित इस बैठक में डीसी विजया जाधव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, एसपी ग्रामीण मुकेश लुणायत, एसडीएम धालभूम पीयूष सिन्हा, सिविल सर्जन डॉ जुझार माझी, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर (प्रभारी) दीपू कुमार, निदेशक डीआरडीए सौरभ सिन्हा, एडीसी जयदीप तिग्गा, विशेष पदाधिकारी जेएनएसी संजय कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी दिनेश रंजन, डीसीएलआर रवीन्द्र गागराई, डीपीओ अरूण द्विवेदी समेत अन्य वरीय पदाधिकारी मौजूद रहे.
