गम्हरिया: झारखंड आंदोलन के प्रणेता, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने यह सम्मान उनकी धर्मपत्नी रूपी सोरेन को प्रदान किया।
इस सम्मान की घोषणा के बाद पूरे झारखंड में खुशी और गर्व का माहौल है। राज्यभर में लोगों ने इसे झारखंड आंदोलन, आदिवासी-मूलवासी समाज और अलग राज्य की लंबी लड़ाई को मिली राष्ट्रीय पहचान बताया है।
झामुमो के वरिष्ठ नेता केपी सोरेन ने पद्म भूषण सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल दिशोम गुरु Shibu Soren का नहीं, बल्कि झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता और राज्य निर्माण आंदोलन से जुड़े हर संघर्षशील व्यक्ति का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने अपना संपूर्ण जीवन जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा, सामाजिक न्याय की स्थापना तथा अलग झारखंड राज्य के निर्माण के लिए समर्पित किया। उनके संघर्ष और योगदान ने राज्य की राजनीतिक एवं सामाजिक दिशा को नई पहचान दी।
केपी सोरेन ने कहा कि पद्म भूषण के माध्यम से देश ने दिशोम गुरु के ऐतिहासिक योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित और स्वीकार किया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तथा प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों को समाज और राज्यहित में संघर्ष तथा जनसेवा के लिए प्रेरित करेगा।
