पीएम मोदी ने सुनाई ‘वंदे मातरम्’ की गौरव गाथा; कहा- गीत ने 1947 में देश को आजादी दिलाई


नई दिल्ली । संसद का मानसून सत्र चल रहा है। इस दौरान भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने पर चर्चा चल रही है। इस दौरान पीएम मोदी ने वंदे मातरम् की गौरव यात्रा को याद किया। उन्होंने बताया कि अंग्रेजों की साजिश के खिलाफ वंदे मातरम् गाया गया था। पीएम मोदी ने लोकसभा में बोलते हुए कहा, “वंदे मातरम् ने 1947 में देश को आजादी दिलाई। वंदे मातरम् के जयघोष में स्वतंत्रता संग्राम का भावनात्मक नेतृत्व था। जब इसपर चर्चा हो रही है, तो यहां पर कोई पक्ष-प्रतिपक्ष नहीं है। हम सभी यहां पर जो बैठे हैं, वास्तव में हमारे लिए रण स्वीकार करने का अवसर है। जिस वंदे मातरम् के कारण आजादी का आंदोलन चला, उसी का परिणाम है कि आज हम यहां पर बैठे हुए हैं। इसलिए हम सभी सांसदों और दलों के लिए यह रण स्वीकार करने का पावन पर्व है।”
उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् की जिस भावना ने देश की आजादी की जंग लड़ी, पूरा देश एक स्वर में वंदे मातरम् बोलकर आगे बढ़ा। इससे प्रेरणा लेकर एक बार फिर आगे बढ़ने का अवसर है। देश को साथ लेकर चलें, आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे, उनको पूरा करने के लिए वंदे मातरम् हम लोगों के लिए प्रेरणा और ऊर्जा बने। 2047 में हम विकसित बनें। इस संकल्प को दोहराने के लिए वंदे मातरम् हमारे लिए बहुत बड़ा अवसर है।”
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय गीत के इतिहास के बारे में बताते हुए कहा, “वंदे मातरम् की इस यात्रा की शुरुआत बकीमचंद्र जी ने 1875 में की थी। गीत ऐसे समय में लिखा गया था, जब 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद अंग्रेज सल्तनत बौखलाई हुई थी और कई तरह के जुल्म कर रही थी। अंग्रेज भारत के लोगों को मजबूर कर रहे थे। अंग्रेज अपने राष्ट्रीय गीत को घर-घर पहुंचाने का षड़यंत्र कर रहे थे। ऐसे समय में बकीम दा ने चुनौती दी और ईंट का जवाब पत्थर से दिया। इस तरह वंदे मातरम् का जन्म हुआ।”
उन्होंने कहा, “इसके कुछ वर्ष बाद 1882 में जब उन्होंने ‘आनंद मठ’ लिखा, तो इस गीत का उसमें समावेश किया गया। वंदे मातरम् ने उस विचार को पुनर्जीवित किया था, जो हजारों वर्ष के भारत की रग-रग में रचा-बसा था। उसी भाव, संस्कारों, संस्कृति और परंपरा को उन्होंने बहुत ही उत्तर शब्दों में उत्तम भाव के साथ वंदे मातरम् के साथ हम सबको बहुत बड़ी सौगात दी थी। वंदे मातरम् सिर्फ राजनीतिक आजादी की लड़ाई का मंत्र नहीं था। यह इससे कहीं अधिक था।”

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

गंगोत्री से गंगासागर तक योग यात्रा, पटना के एनआईटी घाट पर लोगों ने एक साथ किया योगाभ्यास

पटना, 18 जून (आईएएनएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले पटना के एनआईटी घाट पर 'गंगोत्री से गंगा सागर' पहल के तहत एक विशाल योग...

सांसद सुधाकर सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट को भेजा कानूनी नोटिस, चंदे और खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

नई दिल्ली, 18 जून (आईएएनएस)। बिहार के बक्सर से राजद सांसद सुधाकर सिंह के वकील एडवोकेट सत्यम सिंह राजपूत ने गुरुवार को श्री राम...

अभिमत

झारखंड राज्यसभा चुनाव से तय होंगे बड़े राजनीतिक संकेत

झारखंड की राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाला चुनाव कांग्रेस की राजनीतिक ताकत, इंडिया गठबंधन की एकता और विपक्षी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

ज़िद

संपादक की पसंद

ईरान-चीन ने नई दिल्ली में की द्विपक्षीय बैठक, शहरी विकास और हरित तकनीक में सहयोग बढ़ाने पर दिया जोर

नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस)। भारत की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 13वें ब्रिक्स फोरम का आयोजन किया गया। ब्रिक्स फोरम से इतर ईरान...

झारखंड में समय पर पहुंचा मानसून, अगले 2-3 दिनों में पूरे राज्य को करेगा कवर; कमजोर बारिश की आशंका

रांची : झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने तय समय पर दस्तक दे दी है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार, 12 जून को राज्य...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत