मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद जनता को संबोधित किया, किसानों के संघर्ष पर प्रकाश डाला और वित्तीय सहायता का वादा किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और एक जनसभा को संबोधित किया, जिसमें उन्होंने किसानों के समक्ष चुनौतियों और राज्य के आर्थिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया।
जमशेदपुर – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने किसानों के समक्ष चुनौतियों और राज्य की आर्थिक समस्याओं पर चर्चा की।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री सोरेन ने इस बात पर जोर दिया कि किसान भुखमरी के कगार पर हैं और उनका विरोध प्रदर्शन जारी है।
उन्होंने सरकारी संस्थाओं के क्रमिक निजीकरण और मुद्रास्फीति में लगातार वृद्धि पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि बेरोजगारी एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।
सोरेन ने वादा किया कि अगर उनकी सरकार बनी तो प्रत्येक परिवार को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि इस सहायता का फार्मूला पहले से ही तैयार है, जो उनकी सरकार के गठन तक लागू रहेगा।
उन्होंने खनन क्षेत्र में बाधाओं तथा अल्प अवधि में पर्याप्त कार्य की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती शीघ्र ही शुरू हो जाएगी तथा अगले 15-20 दिनों में 5,000 पद भरे जाएंगे।
विपक्ष की आलोचना करते हुए सोरेन ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में कोई भी महत्वपूर्ण नीति या कार्य पूरा नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास पर्याप्त धन और रणनीतिक क्षमता है, लेकिन प्रगति के प्रति उसमें वास्तविक प्रतिबद्धता का अभाव है।
सोरेन के संबोधन का उद्देश्य जनता को इन ज्वलंत मुद्दों के समाधान तथा ठोस सुधार लाने के प्रति उनके समर्पण का आश्वासन देना था।
