बहरागोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र में घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और बिचौलियों के सक्रिय सिंडिकेट का मामला सामने आया है। राणा इंडियन ग्रामीण गैस वितरक के संचालक तापस बेरा और मैनेजर सव्यसाच्चि परीडा ने आरोप लगाया कि कुछ बिचौलिये ग्रामीण उपभोक्ताओं को गुमराह कर उनके नाम पर अवैध रूप से गैस सिलेंडर उठा रहे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए एजेंसी ने स्थानीय थाना में लिखित शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
मैनेजर सव्यसाच्चि परीडा ने शुक्रवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में इस गोरखधंधे की विस्तार से जानकारी दी। एजेंसी प्रबंधन के अनुसार क्षेत्र में कुछ बिचौलिये सीधे-साधे ग्रामीण उपभोक्ताओं को झांसे में लेकर उनके हक का गैस सिलेंडर अवैध रूप से उठा रहे हैं।
इससे वास्तविक लाभुकों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है और उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले को लेकर एजेंसी की ओर से स्थानीय थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।
बताया कि सक्रिय बिचौलिये गरीब लाभुकों से उनका गैस कार्ड और मोबाइल पर प्राप्त होने वाला डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) हासिल कर लेते हैं।
इसके बाद वे एजेंसी पहुंचकर उपभोक्ताओं के नाम पर गैस सिलेंडर प्राप्त कर लेते हैं। जब वास्तविक लाभुक गैस लेने पहुंचते हैं, तब उन्हें पता चलता है कि उनके नाम का सिलेंडर पहले ही उठाया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन हो रहा है, बल्कि सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वयं आएं लाभुक या भेजें परिजन, दबाव बर्दाश्त नहीं : तापस बेरा
एजेंसी संचालक तापस बेरा (उर्फ पापु) ने स्पष्ट कहा कि एजेंसी द्वारा बिना वास्तविक उपभोक्ता की पुष्टि के गैस सिलेंडर देने से इनकार किए जाने के बाद कुछ बिचौलियों ने कामकाज में बाधा डालने और प्रबंधन पर दबाव बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों और नियमों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बहरागोड़ा थाना में ऐसे बिचौलियों के खिलाफ लिखित शिकायत दी गई है तथा प्रशासन से उचित कार्रवाई की मांग की गई है।
तापस बेरा ने उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि गैस बुकिंग के बाद खाताधारक स्वयं अपना गैस कार्ड और डीएसी कोड लेकर एजेंसी आएं। यदि किसी कारणवश स्वयं नहीं आ सकते हैं, तो केवल अपने परिवार के सदस्य को ही अधिकृत करें। किसी भी अनजान व्यक्ति को गैस संबंधी दस्तावेज या कोड नहीं सौंपें।
उपभोक्ताओं के लिए एजेंसी की महत्वपूर्ण सलाह
- मोबाइल पर प्राप्त होने वाला डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) किसी भी बाहरी व्यक्ति के साथ साझा न करें।
- गैस सिलेंडर प्राप्त करते समय अपना गैस कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेज स्वयं प्रस्तुत करें।
- यदि कोई व्यक्ति आपके नाम पर गैस सिलेंडर दिलाने या उठाने का प्रस्ताव देता है, तो उसकी सूचना तत्काल गैस एजेंसी अथवा पुलिस को दें।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को अवगत कराएं।
एजेंसी प्रबंधन ने कहा कि उपभोक्ताओं की जागरूकता और सतर्कता से ही गैस सिलेंडर की कालाबाजारी तथा बिचौलियों की गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
पुलिस इस मामले में क्या एक्शन लेगी, इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है। एजेंसी के लोगों का कहना है कि पुलिस सख्ती से जांच करे तो मामले का खुलासा हो सकता है, जो उपभोक्ताओं के लिए भी बेहतर रहेगा।
