जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने खनिज तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए बहरागोड़ा बस स्टैंड के पास छापेमारी कर लगभग 1.095 किलोग्राम (1095 ग्राम) पन्ना (Emerald) बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में तीन अंतरजिला तस्करों को गिरफ्तार किया है और इसे एक बड़े खनिज तस्करी नेटवर्क से जुड़ा मामला मानते हुए जांच तेज कर दी है।
रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में ग्रामीण एसपी शुभम खंडेलवाल ने बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि बहरागोड़ा बस स्टैंड के आसपास भारी मात्रा में पन्ना की खरीद-बिक्री होने वाली है। सूचना के आधार पर घाटशिला एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने बस स्टैंड के आसपास घेराबंदी कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी।
इसी दौरान दो अलग-अलग दोपहिया वाहनों पर सवार तीन युवक मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे, लेकिन जवानों ने पीछा कर तीनों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान एक यामाहा स्कूटी की डिक्की से प्लास्टिक में पैक किया गया 1.095 किलोग्राम पन्ना बरामद हुआ।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनय पातर (50) और सिद्धेश्वर कालिन्दी (45), दोनों निवासी मुराकाटी (थाना गुड़ाबांदा) तथा स्नेहाशिष मंगराज (44), निवासी खांड़देवली (थाना श्यामसुंदरपुर, ओडिशा) के रूप में हुई है।
पुलिस ने इनके कब्जे से तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन, झारखंड और ओडिशा नंबर की दो मोटरसाइकिल तथा 2,300 रुपये नकद भी जब्त किए हैं।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर न्यायिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही यह जांच की जा रही है कि बरामद पन्ना कहां से लाया गया, इसे किसे सप्लाई किया जाना था और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
पुलिस का मानना है कि आरोपियों से पूछताछ में पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
तीन लोगों की मौत के बाद सील हुई थीं अवैध खदानें
स्थानीय लोगों के अनुसार, बहरागोड़ा क्षेत्र में पहले बड़ी संख्या में बाहरी तस्कर स्थानीय लोगों के माध्यम से अवैध रूप से पन्ना खनन कराते थे। कुछ वर्ष पहले पन्ना निकालने के लिए खोदी गई एक सुरंग धंसने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस-प्रशासन ने अवैध खदानों को मिट्टी डालकर सील कर दिया था। इसके बावजूद चोरी-छिपे पन्ना खनन और तस्करी का कारोबार पूरी तरह बंद नहीं हो सका। समय-समय पर अन्य राज्यों से जुड़े तस्करों की संलिप्तता भी सामने आती रही है।
बारूणमुठी-बाउटिया की पहाड़ियों में मिलता है बेशकीमती पन्ना और नीलम
पूर्वी सिंहभूम जिले की बारूणमुठी-बाउटिया पहाड़ियां प्राकृतिक रूप से बहुमूल्य खनिजों के लिए जानी जाती हैं। यहां पन्ना और नीलम जैसे कीमती रत्न पाए जाने की जानकारी लंबे समय से सामने आती रही है। ज्योतिष और आभूषण उद्योग में इन रत्नों की काफी मांग है। हालांकि इस प्राकृतिक संपदा का स्थानीय विकास में अपेक्षित लाभ नहीं मिल सका। पहले इन बहुमूल्य पत्थरों की तस्करी में नक्सलियों की संलिप्तता सामने आती थी, जबकि अब संगठित खनिज तस्कर इस अवैध कारोबार को संचालित कर रहे हैं। पुलिस इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए जांच को आगे बढ़ा रही है।
