जमशेदपुर : कोल्हान क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम जिले के कई गांवों में हाथियों के झुंड रात के समय बस्तियों में घुसकर घरों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग पूरी रात जागकर घरों की निगरानी करने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार चांडिल, ईचागढ़ और कुकडू प्रखंड में इन दिनों हाथियों की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं। वहीं पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया, बहरागोड़ा, घाटशिला और गुड़ाबांधा क्षेत्रों में भी हाथियों के झुंड लगातार गांवों में प्रवेश कर रहे हैं। कुछ इलाकों में अकेला हाथी उत्पात मचा रहा है, जबकि कई जगह 20 से 25 हाथियों का बड़ा झुंड सक्रिय बताया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाथी घरों की दीवार तोड़कर अंदर घुस रहे हैं और घरों में रखा धान, चावल समेत अन्य खाद्यान्न बर्बाद कर रहे हैं। इसके अलावा खेतों में लगी गरमा धान और सब्जियों की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
ताजा घटना चौका क्षेत्र के आदरडीह गांव की है, जहां देर रात एक हाथी ने ग्राम प्रधान के घर पर हमला कर दिया। हाथी ने दीवार तोड़कर घर में प्रवेश किया और घर में रखा अनाज नष्ट कर दिया। घटना के दौरान मलबा गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे।
इसी तरह डाइनमारी गांव में 20 से 25 हाथियों के झुंड ने एक घर को क्षतिग्रस्त कर दिया। अचानक हुए हमले में दीवार गिरने से एक महिला घायल हो गई। वहीं घर में रखा धान भी हाथियों ने खा लिया।
लगातार बढ़ रही घटनाओं से ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने और मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन विभाग को प्रभावी और स्थायी कदम उठाने चाहिए।
