सरायकेला : जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र से पुलिसिया दमन और बर्बरता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। अपने बेटे को न्याय दिलाने की गुहार लेकर पीड़ित महिला पुतुल गोप बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और आदित्यपुर थाना प्रभारी समेत टाइगर मोबाइल के जवानों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि सोमवार देर रात करीब एक बजे आदित्यपुर थाना प्रभारी विनोद तिर्की, टाइगर मोबाइल के जवान नीतीश पांडे, राघवेंद्र सिंह और अन्य पुलिसकर्मी जबरन उनके घर में घुस आए और उनके बेटे जिसू गोप को उठाकर थाना ले गए। परिवार का आरोप है कि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किया, छेड़खानी की और अश्लील भाषा का इस्तेमाल किया।
पीड़ित परिवार के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने महिला से कहा, “तुम खुश कर दो, तुम्हारे बेटे को छोड़ देंगे।” जब परिवार के छोटे बेटे ने इसका विरोध किया तो उसे भी झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
महिला ने आरोप लगाया कि जिस दिन से उसके बेटे को थाना ले जाया गया, उसी दिन से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि थाना में जिसू गोप पर जबरन आर्म्स रखने की बात कबूल करवाने का दबाव बनाया गया।
पीड़िता के अनुसार जब वह अपने बेटे से मिलने थाना पहुंची तो उसने रोते हुए कहा, “मुझे बचा लो, नहीं तो मैं सुसाइड कर लूंगा।” परिवार ने दावा किया कि जिस मामले में उसके बेटे को उठाया गया, वह एक गाड़ी तोड़फोड़ की घटना से जुड़ा है, जबकि घटना के समय वह कंपनी में काम कर रहा था। इसके बावजूद केवल शक के आधार पर उसे हिरासत में लेकर थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया।
मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि पूरे मामले पर पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलता है या मामला सिर्फ जांच तक सीमित रह जाता है।
