नई दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संकेत दिया है कि यदि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और लंबा चलता है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है और भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
स्विट्जरलैंड में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान मंगलवार को संबोधित करते हुए आरबीआई गवर्नर ने कहा कि सरकार अब तक वित्तीय अनुशासन और राजकोषीय मजबूती बनाए रखने में सफल रही है, लेकिन यदि हालात लंबे समय तक बिगड़े रहे तो ईंधन कीमतों का अतिरिक्त बोझ उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य में पैदा हुई बाधाओं के कारण कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में तेजी आई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और उर्वरकों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, इसलिए वैश्विक सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर तेजी से पड़ता है।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि अगर यह संकट लंबे समय तक जारी रहता है, तो सरकार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लेना पड़ सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अब तक पश्चिम एशिया संकट के बावजूद ईंधन की खुदरा कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।
उधर, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने, गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालने और सोने की खरीद में संयम बरतने की अपील की है।
इस बीच वैश्विक अनिश्चितताओं का असर भारतीय मुद्रा पर भी दिखाई दे रहा है। रुपया लगातार दबाव में है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95 के नीचे पहुंच गया है, जिससे आयात लागत और महंगाई बढ़ने की आशंका गहरा गई है।
