पटना। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात पटना पुलिस ने उनके मंदिरी स्थित आवास से गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 31 वर्ष पुराने एक मामले में अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर की गई। गिरफ्तारी के दौरान आवास पर करीब तीन घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला।
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह के नेतृत्व में 5 डीएसपी, 6 थानेदार और लगभग 100 पुलिसकर्मियों की टीम पप्पू यादव के आवास पहुंची। पुलिस के पहुंचते ही वहां अफरा-तफरी मच गई। पुलिस द्वारा साथ चलने को कहे जाने पर पप्पू यादव और उनके सहयोगियों के बीच अधिकारियों से तीखी नोक-झोंक हुई।
गिरफ्तारी का विरोध करते हुए पप्पू यादव ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सिविल ड्रेस में पुलिस रात के अंधेरे में उन्हें गिरफ्तार करने आई है और उन्हें कोई वारंट नहीं दिखाया गया। उन्होंने आशंका जताई कि यह उनके खिलाफ साजिश हो सकती है और कहा कि वे रात में कहीं नहीं जाएंगे, आवश्यकता हो तो पुलिस उन्हें हाउस अरेस्ट कर ले।
देर रात करीब 12 बजे जब पुलिस उन्हें ले जाने लगी, तभी पप्पू यादव अचानक बेहोश हो गए। इसके बाद मौके पर मौजूद समर्थक उग्र हो गए और पुलिस वाहनों पर चढ़ गए। कुछ समय के लिए पुलिस और समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी, हालांकि बाद में पुलिस ने हालात पर काबू पाया और उन्हें हिरासत में लेकर रवाना हो गई।
सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि यह मामला वर्ष 1995 का है, जिसमें धोखे से मकान किराये पर लेने का आरोप है। इस मामले में ट्रायल चल रहा है। विशेष अदालत ने सांसद को पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन बार-बार तारीख पर अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने सख्ती दिखाते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
