जमेशदपुर। जमशेदपुर स्थित देश के प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान एक्सएलआरआइ झ्र जेवियर स्कूल आॅफ मैनेजमेंट एक बार फिर वैश्विक बौद्धिक संवाद का केंद्र बनने जा रहा है। जे.आर.डी. टाटा फाउंडेशन फॉर बिजनेस एथिक्स के तत्वावधान में एक्सएलआरआइ में तीसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का आयोजन किया जाएगा। इस सम्मेलन में भारत सहित दुनिया भर से उद्योग जगत के दिग्गज, शिक्षाविद, नीति-निमार्ता और शोधकर्ता भाग लेंगे।
यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 9 जनवरी 2026 की शाम 4:30 बजे से शुरू होकर 11 जनवरी 2026 की दोपहर 1:00 बजे तक एक्सएलआरआइ परिसर में आयोजित होगा। शुक्रवार को एक्सएलआरआइ की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, तीन दिनों तक चलने वाला यह सम्मेलन विचारों, अनुभवों और शोध के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच बनेगा। सम्मेलन का मुख्य विषय व्यवसाय और नेतृत्व की पुनर्कल्पना: नैतिकता, सततता और जिम्मेदार विकास का भविष्य निर्धारित किया गया है। इस विषय के माध्यम से बदलते वैश्विक परिदृश्य में व्यवसाय और नेतृत्व की भूमिका पर गहन चिंतन किया जाएगा।
तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में नैतिक नेतृत्व, सतत और समावेशी व्यावसायिक मॉडल, मानव-केंद्रित अर्थव्यवस्था और जिम्मेदार कॉपोर्रेट आचरण जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। सम्मेलन का उद्देश्य यह समझना है कि आधुनिक व्यवसाय किस प्रकार सामाजिक उत्तरदायित्व और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ सकता है। सम्मेलन के दौरान कई समकालीन और अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। इनमें मानव-केंद्रित अर्थव्यवस्था के लिए नेतृत्व की नई परिभाषा,लाभ से आगे बढ़कर नैतिक व्यावसायिक ढांचे, संस्थागत पुनर्नवीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मानव भविष्य, पृथ्वी-केंद्रित उत्तर-विकास मॉडल जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
इस सम्मेलन को विशेष बनाने के लिए वैश्विक स्तर के विशेषज्ञों के मुख्य भाषण, शोध पत्र प्रस्तुतियां, पैनल चचार्एं, कार्यशालाएं और संवादात्मक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इससे प्रतिभागियों को नई सोच और नवाचार से परिचित होने का अवसर मिलेगा। एक्सएलआरआइ का यह आयोजन जिम्मेदार प्रबंधन शिक्षा और नैतिक नेतृत्व को बढ़ावा देने की उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। संस्थान ने उद्योग जगत के पेशेवरों, शिक्षाविदों और शोधकतार्ओं से इस परिवर्तनकारी वैश्विक संवाद में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
एक्सएलआरआइ प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के माध्यम से भविष्य के व्यवसाय और नेतृत्व को अधिक नैतिक, सतत और मानव-केंद्रित दिशा दी जा सकती है, जिससे समाज, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण—तीनों का संतुलित विकास संभव हो सके।
