दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का शुक्रवार को महाराष्ट्र में उनके गृह नगर लातूर में निधन हो गया। पाटिल पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक भी रह चुके थे।
परिवार के सूत्रों ने बताया कि पाटिल कुछ समय से बीमार थे और उन्होंने अपने आवास पर ही अंतिम सांस ली। वह 90 वर्ष के थे। वह लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष थे और केंद्रीय मंत्रिमंडल में महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल चुके थे। पाटिल ने लातूर लोकसभा सीट से सात बार जीत हासिल की थी।
उन्होंने कई केंद्रीय मंत्री पदों पर काम किया। मुंबई में जब 2008 में आतंकी हमला हुआ था, तब देश के गृह मंत्री शिवराज पाटिल ही थे। मुंबई अटैके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर में देश के लिए कई प्रतिष्ठित पदों पर काम किया और देश की संवैधानिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई।
लातूर के चाकुर के रहने वाले शिवराज पाटिल चाकुरकर मराठवाड़ा और महाराष्ट्र में कांग्रेस के एक असरदार और अहम व्यक्ति थे। शिवराज पाटिल लातूर के चाकुर से एक प्रभावशाली कांग्रेस नेता थे। लातूर लोकसभा क्षेत्र से सात बार जीते थे। 2004 में लोकसभा में हारने के बाद भी उन्होंने राज्यसभा से गृह मंत्री का पद और केंद्रीय जिम्मेदारियां स्वीकार की थीं। कांग्रेस और उसके सभी कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर दुख जताया है और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।
