घाटशिला उपचुनाव : झामुमो ने की सोमेश के समर्थन की अपील, भाजपा ने सरकार के छह वर्षों का मांगा हिसाब
जमशेदपुर : घाटशिला विधानसभा उपचुनाव को लेकर महज 48 घंटे शेष बचे हैं। सभी राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंकी। बीते एक सप्ताह से चुनावी सभा, डोर टू डोर कैंपेन का अभियान जारी रहा। दलों के आरोप- प्रत्यारोप के बीच जमीनी मुद्दे गायब रहे।
शनिवार को एक ओर जहां राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी विधायक पत्नी के साथ अंतिम चुनावी जनसभा को संबोधित कर महागठबंधन प्रत्याशी सोमेश सोरेन के पक्ष में मतदान की अपील की। वहीं भाजपा ने संवाददाता सम्मेलन कर सरकार से छः साल का हिसाब मांगा।
भाजपा ने क्षेत्र के पिछड़ेपन और महिलाओ एवं आदिवासियों पर हो रहे अत्याचार पर सरकार पर जमकर हमला बोला। भाजपा नेत्री और पूर्व सांसद गीता कोड़ा ने कहा कि राज्य में वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 6000 से भी अधिक महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ। उसमें सबसे अधिक संख्या आदिवासियों की है।
मंईयां सम्मान योजना के तहत जो नाम जोड़े गए थे उन्हें अब साजिश के तहत हटाया जा रहा है। घाटशिला का जिस हिसाब से विकास होना चाहिए ऐसा जमीन पर कहीं नजर नहीं आ रहा है। सरकार के नेता और मंत्री मुद्दों को छोड़ निजी और व्यक्तिगत आरोप लगाकर प्रत्याशी और भाजपा नेताओं की छवि को गलत तरीके से दुष्प्रचारित कर रहे हैं।
राज्य की जनता इनके शासन से उब चुकी है और घाटशिला उपचुनाव में इसका बदला लेने को आतुर नजर आ रही है। चाईबासा में नो एंट्री की घटना को लेकर गीता कोड़ा सरकार की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि इस सरकार ने आदिवासी महिलाओं के साथ किस तरह का अत्याचार किया है चाईबासा की घटना इसका जीता जाता उदाहरण है।
गर्भवती महिलाओं के साथ भी अत्याचार किया गया है। आज भी वह महिला जेल में है। वहीं भाजपा नेता दिनेशानंद गोस्वामी ने भी सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने भी घाटशिला में भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन के जीत का दावा किया। कुल मिलाकर कहे तो घाटशिला विधानसभा उपचुनाव एनडीए और महागठबंधन दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन चुका है। दोनों दल अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में है। अब देखना यह दिलचस्प होगा की जनता का जनादेश किस ओर जाता है।
