जमशेदपुर के वरिष्ठ पत्रकार प्रियेश कुमार सिन्हा के पिता विजय शंकर प्रसाद सिन्हा का निधन, पटना के दीघा घाट पर पंचतत्व में विलीन
जमशेदपुर: दीपावली की रोशनी इस बार एक घर के लिए अंधकार लेकर आई। जिनकी छत्रछाया में परिवार ने स्नेह, संस्कार और अनुशासन का अमृत पाया, वे अब पंचतत्व में विलीन हो गए।
जमशेदपुर के मानगो मून सिटी निवासी वरिष्ठ पत्रकार और दैनिक जागरण, जमशेदपुर के पूर्व स्थानीय संपादक प्रियेश कुमार सिन्हा के पिता विजय शंकर प्रसाद सिन्हा का 24 अक्टूबर की शाम पीएमसीएच, पटना में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे 94 वर्ष के थे। वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
जानकारी के अनुसार, दीपावली की रात उनके साथ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ, जिसमें वे आग की चपेट में आ गए थे। प्रारंभिक उपचार के बाद उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। किंतु वृद्धावस्था और गंभीर जलन के कारण उनका शरीर यह पीड़ा अधिक दिन झेल नहीं सका और 24 अक्टूबर को शाम उनके हृदय की धड़कनें थम गईं।
25 अक्टूबर को उनके पार्थिव शरीर का पटना में गंगा नदी के किनारे दीघा घाट श्मशान घाट में पूरे पारिवारिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
अंतिम यात्रा में परिवारजन, रिश्तेदार, मित्रगण, पत्रकारिता जगत से जुड़े लोग तथा समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
वातावरण में गहरा सन्नाटा और नम आँखें यह बता रही थीं कि एक युग का स्नेहिल साया अब विदा हो चुका है।
बिहार सरकार में एक उच्च अधिकारी रहे विजय शंकर प्रसाद सिन्हा एक सादगीपूर्ण, अनुशासित और उच्च संस्कारों वाले व्यक्ति थे।
अपने जीवन के 94 वर्षों में उन्होंने परिवार और समाज दोनों में मर्यादा, मेहनत और मानवता की मिसाल कायम की।
उनके पुत्र प्रियेश कुमार सिन्हा, जो लंबे समय तक जमशेदपुर में दैनिक जागरण के स्थानीय संपादक रहे, ने कहा कि पिताजी हमारे लिए एक प्रेरणा थे। उन्होंने हमेशा हमें ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाया। उनका जाना हमारे जीवन में एक गहरी रिक्तता छोड़ गया है।
उन्होंने परिवार की ओर से सभी शुभचिंतकों, सहकर्मियों और मित्रों का आभार व्यक्त किया गया है जिन्होंने इस कठिन समय में साथ दिया और संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें और परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।
