मालगाड़ियों से ज्यादा जरूरी यात्री ट्रेनों की समयबद्धता : सरयू राय

– समीक्षा बैठक में ‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ के नाम पर मुहर, शिवशंकर सिंह होंगे संयोजक

-रेलवे की बदनामी न हो, इस भय से 7 अप्रैल का धरना रद्द करना चाहते थे अफसर

-शिकायत है कि जो रेक जितनी बार चलता है, उतनी बार अफसरों की होती है जेब गर्म

-रेलवे को तो सिर्फ पांच मिनट का समय मैनेज करना है, फिर समस्या खत्म हो जाएगी

जमशेदपुर में यात्री ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी को लेकर चल रहे आंदोलन ने अब संगठित रूप ले लिया है। विधायक सरयू राय ने साफ कहा कि मालगाड़ियों की संख्या घटे या बढ़े, इससे ज्यादा जरूरी यह है कि यात्री ट्रेनें समय पर चलें और पहुंचें। इसी मुद्दे को लेकर ‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ के बैनर तले आंदोलन को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।

जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय द्वारा विगत 7 अप्रैल को यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ आयोजित धरना कार्यक्रम की रविवार को समीक्षा की गई। समीक्षा के उपरांत यह फैसला हुआ कि अब यह धरना या आंदोलन ‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ के बैनर तले आगे बढ़ेगा। शिवशंकर सिंह इसके संयोजक होंगे।

इसके पूर्व मिलानी हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में सरयू राय ने कहा कि हम लोगों की एक ही मांग थीः टाटानगर से यात्री ट्रेनें समय पर चलें, टाटानगर समय पर पहुंचें। उन्होंने यह भी कहा कि 6 अप्रैल की रात 11 बजे के बाद तक रेलवे के वरिष्ठ अफसर यही चाहते थे कि धरना स्थगित कर दिया जाए, क्योंकि इससे सरकार की बदनामी होगी!

सरयू राय ने कहा कि टाटानगर जंक्शन पर कोई भी ट्रेन औसतन पांच मिनट ही रुकती है। रेलवे को इसी पांच मिनट को मैनेज करना है। वह मान ही नहीं रहा कि मालगाड़ी के कारण सवारी ट्रेनें विलंब से चल रही हैं।

उन्होंने कहा कि रेलवे का खेल चालू है। एनटीईएस, जो रेलवे को क्रिस ने डेवलप करके दिया है, उसका आज का कमाल देखें। साउथ बिहार एक्सप्रेस के कांड्रा पहुंचने को वह ऐप विलंब से दिखा रहा था लेकिन कांड्रा के बाद वह ट्रेन टाटानगर कब पहुंची, कितने विलंब से पहुंची, उस वक्त तक का कोई रिकार्ड था ही नहीं। उस ऐप से ट्रेन गायब हो गई। लेकिन, प्राइवेट ऐप तो हैं ही। उसमें दिख गया कि ट्रेन कितनी देर से चली है।

श्री राय ने कहा कि 2 अप्रैल को जमशेदपुर के सांसद के हवाले से खबर छपी थी कि रेलमंत्री ने ट्रेनों को राइट टाइम चलाने का आदेश दिया है। लेकिन ट्रेनें तो अपने ही विलंबित समय से चलीं। जो यात्री ट्रेनें लेट थीं, वो लेट ही चलीं।

सरयू राय ने कहा कि 7 अप्रैल को धरना के दौरान सीनियर डीसीएम आए। उन्होंने अपनी बात रखी। फिर उन्होंने हमें जो नोट दिया, उसे पढ़ने से पता चला कि ट्रेनें समय पर चलेंगी, यह तो उसमें लिखा ही नहीं था। उसमें योजनाओं के बारे में था।

श्री राय ने कहा कि रविवार को मीडिया में यह बात आई कि रेलवे के एजीएम ने कहा है कि पहले 27000 मालगाड़ियां चलती थीं। इन्हें 23000 कर दिया गया। 4000 मालगाड़ियां कम कर दी गईं, ताकि सवारी ट्रेनें समय पर पहुंचें। लेकिन इसका कोई असर तो दिखा नहीं। बयान कैसे दिया गया, इसे भी समझना है। इस रेलखंड में 27000 मालगाड़ियां चलती हैं या 27000 माल बोगियां? इसे समझना होगा। मालगाड़ियों की संख्या बढ़े या घटे, उससे अहम है कि यात्री ट्रेनें समय पर पहुंचें।

सरयू राय ने कहा कि हमने सुझाव दिया था कि अगर 40-45 मिनट तक मालगाड़ियों को रोक कर यात्री ट्रेनों को निकाल दिया जाए तो ट्रेनों की लेटलतीफी काफी हद तक कम हो जाएगी। लोगों से पता चला कि अब जो रेक है, वो रेलवे ने प्राइवेट पार्टियों को बेच दिया। ऐसा भी शिकायतें सुनने को मिल रही हैं कि जो रेक जितनी बार चलता है, उतनी बार अफसरों की जेब गर्म होती है। इसमें कोई राष्ट्रीयता की बात तो नहीं दिखती। इसमें देश का क्या फायदा है?

आंदोलन अंजाम तक पहुंचेगाः शिवशंकर सिंह

‘रेल यात्री संघर्ष समिति’ के संयोजक शिव शंकर सिंह ने कहा कि विधायक सरयू राय कोई भी आंदोलन शुरु करते हैं तो उसे अंजाम तक जरूर पहुंचाते हैं। रेल आंदोलन शुरु होगा तो उसे अंजाम तक जरूर पहुंचाया जाएगा, इसके लिए सभी लोग निश्चिंत रहें। उन्होंने कहा कि ट्रेनों की लेटलतीफी का मुद्दा राजनीतिक दलों का मुद्दा नहीं है। यह आम जन का मुद्दा है। इसमें सभी राजनीतिक दलों को दिल बड़ा करके आना चाहिए। यह एक कॉमन प्लेटफार्म है, साझा मंच है। इसमें हर किसी का स्वागत है। हम लोग यही तो चाह रहे हैं कि सवारी ट्रेनें समय से चलें। आम आदमी ट्रेनों की लेटलतीफी से पीड़ित है। आंदोलन को क्रमबद्ध तरीके से चलाना है। छोटे-छोटे कार्यक्रम शुरु करने होंगे। मास में पकड़ बनानी होगी। अब कुंभकर्मी नींद से जागने का वक्त आ गया है।

समीक्षा बैठक में आए सुझाव

-आम रेलयात्रियों के आवाज को दबाने का असफल प्रयास रेलवे ने किया।

-रेल प्रशासन द्वारा धरना स्थल बदलने का कोई मतलब नहीं था। यह गलत हुआ। हमें पुराने स्थान पर ही धरना देना चाहिए था।

-इस आंदोलन में भी राजनीतिक दलों ने गंदी राजनीति की, जबकि यह गैर राजनीतिक धरना था।

-यात्रियों के कष्ट को सिर्फ विधायक सरयू राय ने समझा और चिलचिलाती धूप में लगातार 3 से साढ़े 3 घंटे तक बैठे रहे।

-निरंतर अनशन किया जाए और फिर रेलमंत्री से मिला जाए।

-जमशेदपुर, चाकुलिया, घाटशिला, चक्रधरपुर के लोगों को भी समिति में शामिल किया जाए क्योंमकि सबसे ज्यादा प्रभावित उधर के लोग हैं। रेलवे को लगातार अल्टीमेटम देना होगा।

-मेनलाइन खाली नहीं रहती। कांड्रा से टाटानगर के लिए अलग रेललाइन की व्यवस्था होनी चाहिए।

-धरना को भटकाने के लिए मीडिया में रेलवे की तरफ से या रेलवे से संबंधित कुछ न कुछ खबरें रोजाना छपती रहीं। ट्रेनों की लेटतलीफी की समस्या सिर्फ टाटानगर की ही नहीं, हर औद्योगिक शहर की है। इस पर ज्यादा संजीदगी से काम करना होगा।

-समिति के हर सदस्य, या जो समिति के सदस्य न हों और रेलवे से परेशान हों, उन्हें सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म का इस्तेमाल करके अपनी बात रखनी चाहिए, खास कर एक्स का। हर समाज के लोग जोड़े जाएं। घाटशिला में टेंपू वाले इसलिए परेशान हैं क्योंकि ट्रेनें विलंब से चल रही हैं और उन्हें पैसेंजर नहीं मिल रहे हैं।

-इसे आंदोलन का रुप देना चाहिए और लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहना चाहिए। तुरंत कोई परिणाम नहीं निकलेगा। धैर्य की बेहद जरूरत है।

मंचासीन अतिथि

शंभू सिंह, बाबर खान, आफताब अहमद सिद्दिकी, मुकेश मित्तल, कविता परमार, अशोक गोयल और अजय गुप्ता। मंच संचालन जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने किया।

प्रमुख उपस्थिति

विधायक जनसुविधा प्रतिनिधि मुकुल मिश्रा, जनता दल (यूनाइटेड) के महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, युवा मोर्चा के अध्यक्ष नीरज सिंह, महिला मोर्चा की अध्यक्ष अमृता मिश्रा, अमित शर्मा, पप्पू सिंह, वीरू, मुकेश सिंह, सुमित सिंह, नीरज कुमार, कुंदन सिंह, दिनेश सिंह समेत दर्जनों लोग मौजूद रहे।

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

जमशेदपुर में तेली साहू महासभा की आमसभा, जिला कमेटी पर वित्तीय अनियमितता के आरोप

जमशेदपुर : जमशेदपुर के साकची स्थित जानकी भवन कुम्हारपाड़ा में रविवार को अखिल भारतीय तेली साहू महासभा की आमसभा आयोजित हुई, जिसमें वर्तमान जिला...

महिला सशक्तिकरण की नई दिशा : नारी शक्ति वंदन अधिनियम से मजबूत होगा भारतीय लोकतंत्र

जमशेदपुर : विधायक पूर्णिमा साहू ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह...

अभिमत

ज़िद

ज़िद है आगे बढ़ने की,सबको पीछे छोड़करनया इतिहास गढ़ने की। ज़िद है मज़बूत बनने की,हर मुश्किल का सामना करने की,गिरकर भी हौसला बनाए रखने की। ज़िद...

जमशेदपुर में विंटर फेस्ट के तहत “जैम एट स्ट्रीट” बना आकर्षण का केंद्र, कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर खूब वाहवाही बटोरी

जमशेदपुर : जमशेदपुर के विंटर फेस्ट के तहत "जैम एट स्ट्रीट" (Jam@Street) एक बड़ा आकर्षण बना, जहाँ बिस्टुपुर की सड़कों पर संगीत, नृत्य, योग,...

संपादक की पसंद

परसुडीह में सड़क, नाला और पानी की समस्या पर फूटा गुस्सा, ‘बंग बंधु संस्था’ का धरना

जमशेदपुर : शहर के परसुडीह स्थित प्रमथ नगर में 'बंग बंधु संस्था' द्वारा सड़क, नाला और स्वच्छ पेयजल की समस्या को लेकर एक दिवसीय...

भाजपा ने की पूर्वी विधानसभा के छह मंडलों के पदाधिकारियों की घोषणा, यहां देखें पूरी सूची

जमशेदपुर। भारतीय जनता पार्टी महानगर अंतर्गत पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के छह मंडलों में संगठन विस्तार को लेकर मंडल पदाधिकारियों की घोषणा कर दी गई।...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत